आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज से निजी एंबुलेंस को हटा दिया गया है। परिसर में एंबुलेंस खड़ी मिलने पर चालक के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी। गार्ड्स को निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं मरीजों को निजी अस्पताल लेकर जाने के लिए होने वाली सौदेबाजी की शिकायत की तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है।
प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निजी एंबुलेंस और कर्मचारियों के बीच कमीशनखोरी की शिकायत को तत्काल संज्ञान में लिया है। सुबह गार्ड्स के साथ एसएन स्टाफ ने इमरजेंसी और पोस्टमार्टम हाउस से निजी एंबुलेंस को हटवा दिया है। गार्ड्स को भी निर्देशित किया है कि निजी एंबुलेंस खड़ी मिलने पर तत्काल हटाया जाए।
बार-बार एंबुलेंस खड़ी मिलने पर चालक के खिलाफ थाने में एफआईआर भी कराई जाएगी। पुलिस और आरटीओ को पत्र लिखकर इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भी लिख चुके हैं। मरीजों की सौदेबाजी के लिए कर्मचारियों और निजी एंबुलेंस संचालक की मिलीभगत की भी जांच कराई जा रही है। तीन सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।