श्रावण मास के चौथे सोमवार को पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। सुबह चार बजे से भगवान शंकर का दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक के कार्यक्रम शुरू होेंगे जो देर तक चलेंगे। इस अवसर पर आयोजित होने वाले मेले का शुभारंभ रविवार शाम को हुआ। चारों ओर भोले नाथ के जयकार गूंजते रहे।
पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के महंत जगदीश पुजारी और अशोक कुमार ने बताया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान द्वारा निर्मित पृथ्वीनाथ महादेव मेले का उद्घाटन मनोरंजन कर विभाग के सलाहकार विपुल पुरोहित, समाजसेवी जितेंद्र चौहान और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी क्षमा जैन सक्सेना ने बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच किया। मंदिर के महंतों ने विधिविधान से पूजन कराया। अजय कुमार ने बताया कि शाम को महाआरती के बाद रविवार देर रात मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। इसके बाद सोमवार सुबह चार बजे महा भस्म आरती के बाद रुद्राभिषेक होगा। इसके बाद दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक का कार्यक्रम सोमवार देर रात तक चलता रहेगा। शाम को भगवान आशुतोष के श्रृंगार दर्शन होंगे। फूल बंगला सजाया जाएगा और प्रसाद वितरण होगा।
सज गई दुकानें, लग गए झूले
पृथ्वीनाथ महादेव मेले में शनिवार से ही झूले लग गए थे। रविवार शाम तक मंदिर के आसपास खाली स्थानों पर दुकानें सज गईं। प्रशासन ने मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार पर दो डीएफएमडी लगाई गई हैं। इसके साथ ही बेरीकेडिंग की गई है।
न सफाई हुई न सड़कों के गड्ढे भरे
श्रावण मास के आखिरी सोमवार को आयोजित होने वाले पृथ्वीनाथ महादेव मेले के लिए नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। हालात यह हैं कि मंदिर के आसपास गंदगी के ढेर लगे हैं। सड़कों में हो रहे गड्ढों को भी नहीं भरा गया है। गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।