कपड़े धोने के साबुन से अशोक स्तंभ, भारत माता की प्रतिमा, शेर जैसी कलाकृतियां हों या मेज कुर्सी या फिर दरी और बैग। कैदियों का हुनर जब कलाकृतियां बनाने में दिखा तो सभी हैरत में पड़ गए। मौका था रूद्राष्टिका इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा लगाई गई दो दिवसीय प्रदर्शनी का। होटल रेडीसन में वेडिंग इंडिया शोपेंजा प्रदर्शनी का शुभारंभ जेल राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी ने किया। प्रदर्शनी में मुंबई और दिल्ली की डिजायनरों की ड्रेस, ज्वेलरी के बीच महिलाओं, स्ट्रीट चाइल्ड और दिव्यांग बच्चों के लिए काम करने वाली संस्थाओं टीयर्स मंद बुद्धि संस्थान, आशा स्कूल, मुस्कान, मन की आंखें आदि संस्थाओं द्वारा बनाए गए सामान प्रदर्शित किए गए।
रूद्राष्टिका चेयरपर्सन पूजा सिकेरा ने बताया कि सभी संस्थाओं को नि:शुल्क स्टॉल दिया गया, ताकि उनकी प्रतिभा लोगों तक पहुंच सके। कैदियों का हुनर, मंद बुद्धि संस्थान के बच्चों की रचनात्मकता और आशा स्कूल के बच्चों की कलात्मकता लोगों के सामने आ सके। प्रदर्शनी में बबीता चौहान, रश्मि मगन, चंचल वार्ष्णेय, रीता अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अनुज, आस्था, विक्रम आदि मौजूद रहे।