आगरा के केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी मूलचंद की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक कुख्यात अपराधी भूरा का पिता था। भूरा की छह साल पहले हत्या हो गई थी।
आगरा के पौरी (फरह), मथुरा निवासी मूलचंद उर्फ मूला (76) हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। मूला 29 सितंबर, 2006 से जेल में बंद था।
2003 में उसे गांव में हुई अतर की हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी। मथुरा से आगरा केंद्रीय कारागार में भेजा गया था, उसका बेटा महेश, दो भाई भी जेल में बंद हैं।
मूलचंद को टीबी थी, उसका काफी समय से इलाज चल रहा था। नौ जनवरी को हालत बिगड़ने पर एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां बुधवार रात को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक, मृतक बंदी के बेटे भूरा की जून, 2012 में आवास विकास कॉलोनी में हत्या कर दी गई थी। भूरा पर यूपी और राजस्थान में कई मुकदमे दर्ज थे, इनमें सबसे ज्यादा अपहरण के मुकदमे थे।
बेटे की हत्या के मामले में नहीं पकड़े आरोपी
परिवारीजनों का आरोप है कि मूलचंद के बेटे भूरा की हत्या के मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया था। मगर, कुछ समय बाद ही छोड़ दिया। भूरा की हत्या किसने की, यह अब तक पता नहीं चल सका है।