लोहिया गांवों में विकास कार्यों की हकीकत जानने पहुंचे सीएम के दूत प्रमुख सचिव संजीव मित्तल जल निगम के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। दरअसल, फतेहाबाद के गांव तिबाहा में अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े मिले और जलनिगम के अधिकारियों की फाइलों में हैंडपंप दुरुस्त बताए जा रहे थे। जब ग्रामीणों न हकीकत बयां की तो जलनिगम की पोल खुल गई। इस पर प्रमुख सचिव ने कड़ी फटकार लगाई।
प्रमुख सचिव की चौपाल में ग्रामीण नन्हे सिंह, प्रेम सिंह, और भारत सिंह आदि ने बताया कि हैंडपंप दो दिन चलते हैं। इसके बाद खराब हो जाते हैं। टीटीएसपी भी खराब हैं। जिलाधिकारी पंकज कुमार ने एसडीएम पीडी गुप्ता को निर्देश दिए कि शनिवार शाम तक सभी खराब हैंडपंपों की सूची बनाकर उन्हें उपलब्ध कराई जाए। प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक न होने की शिकायत पर दो अध्यापकों को नियुक्ति का निर्देश दिया। तिबाहा से लौटकर खंड विकास कार्यालय फतेहाबाद का निरीक्षण किया उन्होंने खंड विकास अधिकारी को गांव तिबाहा में मनरेगा के जॉब कार्ड बनाने को कैंप लगाने के निर्देश दिए।
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समय पर पूरे हों विकास कार्य: मित्तल
आगरा। प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा संजीव मित्तल ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यक्रमों और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं और अभियंताओं को निर्धारित अवधि में कार्यों को पूर्ण करने की नसीहत दी। आवास विकास परिषद के प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण एवं वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बटेश्वर में 77 लाख रुपये की धनराशि से मंदिर की जीर्णोद्धार कराया जाएगा। उन्होंने टैक्स वसूली में लक्ष्य पूर्ति करने, शौचालयों के निर्माण, माडल स्कूलों के निर्माण, सर्किट हाउस में चल रहे निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। एसएन मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन रेडियोडायग्नोस्टिक सेंटर का निर्माण कार्य मार्च तक पूर्ण कराने को कहा। बैठक में डीएम पंकज कुमार, मुख्य विकास अधिकारी एनके पालीवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरनाम सिंह, परियोजना निदेशक सचिन यादव, जिला विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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प्रमुख सचिव की राह ताकते रहे सुंसार वासी
बाह तहसील के लोहिया गांव सुंसार के ग्रामीणों को आस थी कि प्रमुख सचिव उनके गांव का भी दौरा करेंगे लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे। दरअसल, लोहिया गांव होने के बावजूद गांव तक पहुंचने को पक्का रास्ता भी नहीं है। गांव में आवास अधूरे हैं। न तो सीसी रोड बनी है और ना ही शौचालय।