कासगंज। कोरोना संकट के कारण 10 माह से बंद चल रहे जूनियर तक के स्कूलों को खोलने की तिथियां निर्धारित होते ही स्कूल संचालक सक्रिय हो गए हैं। स्कूल संचालकों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी के साथ ही अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल भेजने का मन बना लिया है ताकि उनकी पढ़ाई हो सके।
मार्च 2019 में कोरोना संकट के कारण सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। कक्षा 9 से 12 एवं उच्च शिक्षण संस्थाएं तो अक्तूबर माह में खुल गई लेकिन कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं कराया गया। इससे अभी तक इन कक्षाओं का संचालन बंद चल रहा था। सरकार ने 10 फरवरी से जूनियर तथा 1 मार्च से प्राइमरी कक्षाओं के संचालन को हरी झंडी दे दी है। सरकार से इस संबंध में गाइड लाइन जारी कर दिए जाने के बाद स्कूलों के संचालक अपनी तैयारियों में जुट गए है। इससे स्कूलों को खोलकर शिक्षण कार्य कराया जा सके।
प्राथमिक विद्यालय 831
उच्च प्राथमिक विद्यालय 281
कंपोजिट स्कूल 156
सहायता प्राप्त स्कूल 31
मान्यता प्राप्त प्राथमिक स्कूल 489
मान्यता प्राप्त जूनियर स्कूल 199
माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूल 262
कोरोना के चलते शिक्षण कार्य से प्रभावित बच्चे लगभग 4 लाख
स्कूल खोलने के लिए व्यवस्थाएं बना ली गई है। शासन के द्वारा जो भी गाइड लाइन जारी होगी उसके अनुसार विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - मधुर पुंढीर व्यवस्थापक बीएस डायनामिक
शासन से स्कूल खोलने के लिए दिशा निर्देश जारी करने के बाद तैयारी शुरू कर दी गई है। कोरोना की गाइड लाइन का पालन कराते हुए शिक्षण कार्य शुरू कराया जाएगा। -कृष्ण अजमेरा, प्रबंधक श्री डीडू माहेश्वरी शिक्षा समिति
कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो चुकी है। सरकार के द्वारा स्कूल खोलन का निर्णय लेकर सही कदम उठाया गया है। इससे पढ़ाई ढर्रे पर आ जाएगी। -क्षमा गुप्ता, अभिभावक।
10 माह से बच्चों की शिक्षा बेपटरी हो गई। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को अधिक लाभ नहीं मिल पा रहा था। स्कूल खुल जाने से बच्चो की पढ़ाई विधिवत हो सकेगी। -सुरेंद्र अभिभावक