आगरा। एक डॉक्टर के नाम पर कई अस्पताल और लैब खोलने पर नकेल कसेगी। अस्पतालों के लिए चिकित्सक को शपथ पत्र देना होगा। इसमें संबंधित अस्पताल-लैब में सेवा देने की जानकारी देनी होगी। निरीक्षण के वक्त अन्य में सेवाएं देने पर लाइसेंस निलंबित होगा। स्वास्थ्य विभाग में 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इसमें 487 अस्पताल, 577 क्लीनिक, 150 पैथोलॉजी और 103 डायग्नोस्टिक सेंटर हैं।
एक अप्रैल से लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें चिकित्सक को नाम, पता, विशेषज्ञता का जिक्र करना होगा। इसमें डॉक्टर को संबंधित अस्पताल-लैब में सेवा देने का समय, पूर्णकालिक या ऑनकॉल समेत अन्य की जानकारी देनी होगी। डॉक्टर को खुद का फोन नंबर भी लिखना होगा, संचालक या फिर अन्य स्टाफ का फोन नंबर मान्य नहीं होगा। ऐसे में निरीक्षण में संबंधित चिकित्सक मौके पर नहीं मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नियम नए अस्पताल के लाइसेंस के लिए होंगे। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 30 अप्रैल तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, इसके बाद सत्यापन होंगे। अधूरे मानक वाले अस्पतालों का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होगा।
ये भी हैं जरूरी...
- बोर्ड पर डॉक्टर का नाम, उपलब्ध चिकित्सकीय सेवा
- अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सेवा का शुल्क
- प्रवेश द्वार और चिकित्सक के चैंबर में सीसीटीवी कैमरे
- अग्निशमन एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण
- प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी स्टाफ