आगरा के लोहामंडी थाने में तैनात पीआरडी जवान योगेंद्र सिंह ने बिना ड्यूटी किए फर्जी तरीके से मानदेय निकाल लिया। इसके लिए उसने थाना प्रभारी के फर्जी हस्ताक्षर किए और उनकी मुहर लगाई। पुराने उपस्थिति रजिस्टर को फाड़कर फेंक दिया। जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल के उपनिदेशक वीसी श्रीवास्तव के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम की जांच में यह खुलासा हुआ है।
उपनिदेशक ने बताया कि फर्जी तरीके से मानदेय निकालने की शिकायत मिली थी। इसका जवाब लेने के लिए जिला युवा कल्याण अधिकारी और थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक को दो बार नोटिस दिया गया था। दोनों ने तय समय में जवाब नहीं दिया तो इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई थी। उन्होंने बताया कि जांच में पीआरडी जवान योगेंद्र को दोषी पाया गया है। वह जुलाई महीने में ड्यूटी पर नहीं गया था। इसके बावजूद मानदेय लिया था। इसमें कार्यालय के बाबू और अधिकारी की मिलीभगत भी रही होगी।
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नियम के मुताबिक, जिला युवा कल्याण कार्यालय से पीआरडी जवानों को क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष की संस्तुति पर जिला युवा कल्याण अधिकारी भुगतान करते हैं। बिना ड्यूटी किए क्षेत्रीय अधिकारी और जिला युवा कल्याण अधिकारी ने कैसे मानदेय निकाल दिया इसकी भी जांच की जा रही है। जनपद में ऐसे कितने लोगों का मानदेय निकाला गया है। इसकी भी जांच होगी। शासन को पत्र लिखकर इसके बारे में अवगत कराया जा रहा है।
तैनात हैं 454 जवान
जिले में पीआरडी के 454 जवानों की तैनाती है। इनमें से 312 विभागीय और 142 गैर विभागीय ड्यूटी करते हैं। इनको सरकार की तरफ से 500 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है।