कासगंज। जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित फसल अवशेष प्रबंधन बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्रदूषण से बचाने के लिए किसान अपने खेतों में फसल अवशेष या पराली न जलाएं। पराली जलाने वालों पर जुर्माना लगेगा और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। वायु प्रदूषण होने से जनसामान्य को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन होती है। इससे तमाम बीमारियां पैदा होती है। प्रदूषण मानव जाति के लिए अत्यंत घातक है। किसान अपने खेत की पराली को बेंचने या दान करने के लिए जिले में स्थापित गोवंश संरक्षण केन्द्रों, गोशालाओं से संपर्क कर सकते हैं।
डीएम ने कहा कि पराली को किसान खेत में सड़ाकर खाद बना लें या पराली का उपयोग पशु चारे के रूप में कर सकते हैं। किसान यदि पराली का उपयोग नहीं करना चाहते हैं तो कृषि या पशु विभाग को उपलब्ध करा दें। उस पराली को गोशालाओं में भिजवा देंगे। पराली जलाने पर 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ भूमि होने पर 5 हजार रुपये व 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों से 15 हजार रुपये प्रति घटना की दर से वसूली की जाएगी। यदि कोई बार बार पराली जलाता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र, जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।