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मैनपुरी में ग्रामसभा हड़ाई के प्रधान पुत्र की इलाज के दौरान हुई मौत

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घिरोर। जानलेवा हमले में घायल हुए निर्वतमान प्रधान पुत्र की आगरा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन नवंबर को घर लौटते समय हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे कर घायल कर दिया था। चिकित्सकों ने ऑपरेशन करके शरीर से सात गोलियां निकाली थीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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विकास खंड की ग्रामसभा हड़ाई की निवर्तमान प्रधान ऊषा देवी का पुत्र लखन दीक्षित तीन नवंबर की शाम बाइक से घर लौट रहा था। गांव के बाहर पहुंचते ही वहां पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमले में लखन गंभीर रूप से घायल हो गया था। गोलियां चलने की आवाज सुन कर आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे तो हमलावर वहां से भाग गए थे।
घायल को परिजन आगरा ले गए थे। वहां एक निजी अस्पताल में आपरेशन कर चिकित्सकों ने शरीर से सात गोलियां निकालीं थीं। लगातार प्रधान पुत्र का इलाज चल रहा था। शुक्रवार की देर रात लखन की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर घर आ गए। शनिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
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हत्या की धाराओं में तरमीम होगी दर्ज रिपोर्ट
प्रधानपुत्र पर हुए जानलेवा हमले की वारदात के बाद पिता प्रमोद दीक्षित की ओर से दो लोगों पर मामला दर्ज कराया गया था। गांव निवासी भोला व भूरा उर्फ नरेंद्र को नामजद किया गया था। रिपोर्ट को लेकर परिजनों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था। उच्चाधिकारियों से हमलावरों की अधिक संख्या बताते हुए नाम बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। प्रधानपुत्र की मौत के बाद पुलिस ने अब जानलेवा हमला के मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
चचेरे भाई पर भी हुआ था हमला
प्रधान पुत्र की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। परिजन सुरक्षा को लेकर भी भयभीत हैं। बता दें कि तीन नवंबर को लखन पर हमले के बाद आठ नवंबर को चचेरे भाई आलोक पर भी जानलेवा हमला हुआ था। हमले में वह बाल बाल बच गया था।
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