पिनाहट की ब्लाक प्रमुख ऊषा देवी के नाबालिग बेटे गजेंद्र के झूठे शपथपत्र के आधार पर चचिहा ग्राम पंचायत का प्रधान बन जाने के मामले में एसडीएम बाह उमाशंकर जांच के लिए पहुंचे। उनके सामने भी यह साक्ष्य आ गया कि हाईस्कूल के सर्टिफिकेट के अनुसार, उसकी आयु 17 साल ही है। लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने में हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से कहा कि उन्हें उनकी कोर्ट में अपील करनी होगी। तभी कार्रवाई संभव है।
चुनाव में हारे प्रत्याशी पूरन सिंह ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। इस पर एसडीएम जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने ग्राम पंचायत के रिकार्ड, वोटर लिस्ट, आधार कार्ड, स्कूल का रिकार्ड और हाईस्कूल का सर्टिफिकेट देखा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस दौरान सबसे हैरानी की बात यह रही कि अलग-अलग स्कूल रिकार्ड के हिसाब से उसकी आयु अलग-अलग मिली। कहीं वह 18 का है तो कहीं 17 का। हालांकि वोटर लिस्ट और आधार कार्ड में 21 वर्ष का है।
एसडीएम उमाशंकर ने बताया कि मतदाता सूची और आधार कार्ड में गजेंद्र की उम्र 21 वर्ष दर्शायी गई है। जबकि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र के अनुसार गजेंद्र नाबालिग है। नामांकन के दौरान किसी भी प्रत्याशी के आपत्ति दर्ज नहीं कराने के कारण और कोई प्रमाण पत्र ब्लॉक कार्यालय में नहीं होने के कारण कुछ भी नहीं किया जा सकता है। यदि शिकायतकर्ता न्यायालय में पिटीशन दायर करते हैं तो उस पर सुनवाई की जाएगी। न्यायालय से ही इस विवाद का निपटारा किया जा सकता है।
वोटर लिस्ट पर आपत्ति नहीं मिली
पिनाहट। 17 साल का होते हुए भी गजेंद्र का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो गया। उसने आधार कार्ड बनवाने के लिए भी गलत जानकारी दी और उम्र 21 साल बताई। क्या इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है? एसडीएम का कहना है कि अगर आपत्ति मिलती है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।