समाजवादी पार्टी की जिला और महानगर कार्यकारिणी की गठन की कसरत शुरू हो गई है। प्रदेश नेतृत्व की ओर से भेजे गए प्रभारी राकेश राणा और संगठन प्रभारी विपुल पुरोहित की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने दावेदारी पेश की। उनके समर्थकों ने कार्यालय पर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। जिन्हें शांत करने में वरिष्ठ नेताओं के पसीने छूट गए। हंगामे की वजह से बैठक कार्यालय के बजाए सर्किट हाउस में हुई।
प्रभारी राकेश राणा ने सबसे पहले महानगर की बैठक की और एक मई से आयोजित होने वाली साइकिल रैली के बारे में कार्यकर्ताओं दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा के प्रत्येक वार्डों से 15-15 लोगों की टीम बनाई जाए। पार्टी के सभी लोग अपने स्तर से सपा सरकार की उपलब्धियों की बुकलेट व पंफलेट छपवाकर अपने क्षेत्र में बटवायें जिससे उपलब्धियां जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि साइकिल रैली में कार्यकर्ता अनुशासन का विशेष ध्यान रखे जिससे जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो सके। बैठक के दौरान ही दावेदारों की जुलूस पहुंचने लगे। अनूप यादव और सचिन चतुर्वेदी के नेतृत्व में पहुंचे जुलूस में उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, इसकी वजह बैठक में व्यवधान पड़ा। शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी कार्यकर्ताओं को डपट कर शांत कराया। हंगामे के बीच शहर के दावेदारों से उनके आवेदन लिए। इसके बाद उन्होंने जिला संगठन की ओर दावा कर रहे कार्यकर्ताओं से एक-एक कर वार्ता की। जिला और शहर संगठन में पद पाने के लिए राजपाल यादव, राम नरेश, धारा सिंह, सौरभ गुप्ता, मोनिका नाज, इमरान, विमल जैन, पवन दौनेरिया, जितेंद्र सिंह, जेपीएस राठौर आदि ने आवेदन दिए। इसके बाद दोनों प्रभारी, जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव और शहर अध्यक्ष के बीच सर्किट हाउस में वार्ता हुई। अब रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व दी जाएगी उसके बाद पदाधिकारियों के नाम की घोषणा होगी।
पदाधिकारियों में मारपीट
सपा कार्यालय लोहिया वाहिनी के शहर अध्यक्ष देवेंद्र राठौर और जिलाध्यक्ष दयाशंकर जसावत के बीच मारपीट हो गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक दोनों के पिछले दिनों हुए सम्मेलन के बाद से श्रेय लेेने को लेकर तनातनी चल रही थी। रविवार को दोनों के समर्थकों के बीच किसी बात बहस हो गई। मामला दोनों पदाधिकारियों के बीच पहुंचा तो पहले दोनों के बीच कहासुनी और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। हालांकि मारपीट की घटना से जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव और शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी ने अनभिज्ञता जाहिर की है।
प्रभारी पर ही लगा दिए आरोप
युवजन सभा के शहर अध्यक्ष प्रवीन यादव ने संगठन प्रभारी विपुल पुरोहित पर आरोप लगा दिए और जमकर हंगामा किया। प्रवीन यादव को लगता है कि उन्हें पद से हटवाने में प्रभारी का हाथ है। इस हंगामा के बीच विपुल पुरोहित वहां उठकर सर्किट हाउस चले गए। इस संबंध में विपुल पुरोहित का कहना है कि प्रवीन यादव अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं थे, इस वजह से उन्हें नेतृत्व न हटाया।