पुलिस ने पकड़े ऑनलाइन कॉल सेंटर से दवा बेचने के आरोपी
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आगरा के सिकंदरा में शक्तिवर्धक दवाओं को 20 प्रतिशत अधिक रेट पर बिक्री करने वाला कॉल सेंटर पकड़ा गया। पुलिस ने दो संचालकों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। दोनों आरोपी दवाओं का इंटरनेट और सोशल मीडिया पर विज्ञापन देते थे। ऑनलाइन आर्डर और पमेंट लेने के बाद दवा के डिब्बे पर अधिक रेट की एमआरपी का लेबल चस्पा कर देते थे। कॉल सेंटर में कर्मचारी लोगों को फोन पर दवाओं की खूबियां बताते थे। लोग महंगी रेट में दवाओं का पता चलने पर बदनामी की वजह से शिकायत नहीं कर रहे थे।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सिकंदरा के बाईंपुर निवासी वीकेश यादव और अछनेरा के धनौली निवासी प्रशांत शर्मा को गिरफ्तार किया है। दोनों सिकंदरा के कारगिल चौराहे के पास भावना मल्टीप्लेक्स की दूसरी मंजिल पर डिसिस केयर वर्ल्ड नाम से फर्जी कंपनी चला रहे थे।
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कंपनी में यह लोग शक्तिवर्धक दवाओं की बिक्री करते थे। कंपनी की ओर से गूगल और सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया जाता था। विज्ञापन में लिखे नंबर पर जब लोग कॉल करते थे तो आरोपी शक्तिवर्धक दवाओं की जानकारी देते थे। इसके बाद ऑनलाइन आर्डर लेकर दवाओं को भेजते थे। दवाओं के डिब्बे की एमआरपी को बदल देते थे। बिक्री रेट से 20 प्रतिशत तक ज्यादा की एमआरपी कर दी जाती थी। दवाओं की जांच कराई जा रही है।
आयुर्वेदिक कंपनी से खरीदते थे
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि दवाएं वो अजंता हेल्थ केयर (कैलाश मोड़), मित्तल फार्मासिस्ट्स (लोहामंडी) और जीफार्म कंपनी से खरीदा करते थे। यह तीनों आयुर्वेदिक कंपनी हैं।
दवाओं की कीमत न के बराबर होती थी। मगर, आरोपी उस पर अपना लेबल चिपका देते थे। इस पर 20 गुना तक अधिक एमआरपी कर देते थे। दवाओं को लेने वाले ऑनलाइन लोग एमआरपी को देखते थे।
कई बार धोखाधड़ी का पता चलने पर भी पुलिस से बदनामी के डर की वजह से शिकायत नहीं करते थे। इस संबंध में पिछले दिनों पुलिस से शिकायत की गई थी। कहा था कि माई आपरेटर कंपनी ने अधिक रेट में दवा दी है। इस पर छानबीन की गई। पुलिस दवाओं की भी जांच कराएगी।
नौ लोगों को क्यों छोड़ दिए?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिकंदरा पुलिस ने दो दिन पहले कंपनी में छापा मारा था। मौके से वीकेश और प्रशांत के अलावा कर्मचारी सहित नौ लोगों को पकड़ा था। मगर, दो आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बाकी नौ को छोड़ दिया। अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों किया गया। सिकंदरा पुलिस का कहना है कि कर्मचारियों को एमआरपी में धोखाधड़ी की जानकारी नहीं थी। इस पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। अभी एक आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।