आगरा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के राज्य, जिला व ग्रामीण क्षेत्रों के कई मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। कागजों में गड्ढे भरे जाने के आरोप लग रहे हैं। जिले में 3.50 और मंडल में 12 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि मंडल में 83 और जिले में 71फीसद सड़कें गड्ढामुक्त हो गई हैं। उधर, पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने ही गड्ढामुक्त करने के नाम पर फर्जी आंकड़ेबाजी का आरोप लगा दिया है।
पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष सुबोध रावत ने बताया कि सड़कों पर गड्ढे नहीं भरे गए। अभियंता और बाबू डमी फर्में चला कर चहेतों के नाम पर करोड़ों रुपये के सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। सड़कों पर पैंचवर्क व मरम्मत के आंकड़े फर्जी हैं। शासन को गुमराह किया जा रहा है। ठेकेदार जब टेंडरों का बहिष्कार कर चुके हैं, तो फिर काम कहां से हो गए। सब फर्जी आंकड़ेबाजी हो रही है।
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जिलाधिकारी नवनीत चहल ने बताया कि सड़कों पर बहुत गड्ढे हैं। सभी गड्ढे भरे जाने चाहिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि पैंचवर्क व अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। थर्ड पार्टी से पीडब्ल्यूडी के कार्यों का ऑडिट कराया जाएगा। गड़बड़ियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट शासन को भेजे जाएंगे।
पीडब्ल्यूडी आगरा परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि बरसात अधिक होने से सड़कें ज्यादा खराब हो गई हैं। माल की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। नए टेंडर नहीं हुए, पुराने टेंडर ही स्वीकृत हुए हैं। उन्हीं सड़कों पर गड्डे भरे जा रहे हैं। मंडल में 83फीसद और जिले में 71फीसद सड़कों पर गड्ढे भरे गए हैं। 15 दिन समय सीमा बढ़ गई है। अब 30 नवंबर तक सड़कें गड्ढामुक्त की जाएगी। नए टेंडर भी निकाले हैं।