घटिया गुणवत्ता वाली शहर की सड़कें बारिश में ही गड्ढों में समा गईं। शहर की एक-दो नहीं, बल्कि 300 किमी से ज्यादा लंबी सड़कें पूरी तरह से छलनी हो चुकी हैं। इन सड़कों पर चलने वालों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है। उखड़ी हुई गिट्टियों और गहरे गड्ढों के कारण वाहनों के फिसलने से यह जानलेवा साबित हो रही हैं।
नगर निगम ने शहर में 10 मॉडल रोड बनाई थीं, जो इस बार बारिश नहीं झेल सकीं। करीब 167 करोड़ रुपये की लागत से बीते दो वर्षों में सड़कों का निर्माण कराया गया लेकिन घटिया गुणवत्ता वाली सड़कें अब पूरी तरह गड्ढों में समा चुकी हैं। शास्त्रीपुरम, आवास विकास कॉलोनी, जगदीशपुरा-बोदला रोड, कमला नगर, पश्चिमपुरी, शाहगंज, अलबतिया रोड, दयालबाग, नगला बूढ़ी, ट्रांसयमुना कॉलोनी, कालिंदी विहार की सड़कों पर गहरे गड्ढे हो गए।
मेट्रो कार्य भी बना परेशानी
यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन कैंट से कालिंदी विहार और सिकंदरा से ताज के बीच दो कॉरिडोर में मेट्रो का निर्माण करा रहा है। इनमें प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक और सिकंदरा स्टेशन तक ट्रैक के पास की सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो गई हैं। एमजी रोड पर दीवानी से प्रतापपुरा तक चलना दूभर है। करीब 30 किमी. लंबी सड़कें मेट्रो के कारण खराब हैं। फतेहाबाद रोड पर नमामि गंगे और माल रोड पर मेट्रो के कारण सड़कें गड्ढों से भरी हैं। मेट्रो ने केवल पैचवर्क किया जो उखड़ गया।
नगर विकास मंत्री की शुक्रवार को समीक्षा बैठक के बाद से ही सर्वे शुरू कराया गया है। सोमवार तक जूनियर इंजीनियर गड्ढों की रिपोर्ट दे देंगे। गड्ढे भरने की मशीन का बढ़ा हुआ रेट भी आ गया है। ऐसे में त्योहार से पहले गड्ढे भर दिए जाएंगे। सोमवार को शॉर्ट नोटिस टेंडर जारी करेंगे।
-अरविंद श्रीवास्तव, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
ऐसा पहली बार हुआ है जब मानसून से पहले गड्ढे नहीं भरे गए। यह पहले ही ठीक करा दिए जाते तो सड़कें और न टूटतीं। लोगों को परेशानी नहीं होती।
-रवि माथुर, पार्षद
नगर निगम गड्ढों में गिट्टियां तो डाल ही सकता था लेकिन नगर आयुक्त ने इस बार शिकायतों पर ध्यान ही नहीं दिया। इस बार रिकॉर्ड हादसे हुए हैं।
-प्रदीप अग्रवाल, पार्षद
बाइक फिसलने, स्कूटर गिरने के जितने हादसे इस बार हुए, पहले कभी नहीं थे। त्योहार से पहले गड्ढे भर जाएं तो बड़ी बात होगी।
-शरद चौहान, पार्षद
समीक्षा के लिए आए थे सीएम
25 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़कों की समीक्षा करने के लिए आगरा आए थे। तब से लेकर अब तक नगर निगम ने एक गड्ढा भी नहीं भरा। मुख्यमंत्री खेरिया एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक जिस सड़क से गए उस पर 135 गड्ढे थे जिन्हें तब रातों-रात भर दिया गया था। उनके जाने के 10 दिन बाद ही सड़कों के गड्ढे फिर से बढ़ गए।