आगरा। इस साल दिवाली का त्योहार आगरा मंडल के लोगों को टूटी और गड्ढों से भरी सड़कों पर मनाना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की रोड डायरेक्टरी के अनुसार मंडल के राज्य, जिला मार्गों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक करीब 2500 किमी से अधिक सड़कों पर गड्ढे हैं। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए अक्तूबर अंत तक गड्ढों से मुक्ति मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके यादव का कहना है कि 31 अक्तूबर तक मंडल की सड़कों को गड्ढामुक्त का लक्ष्य है। बार-बार हो रही बारिश के कारण भी देर हो रही है। पिछले माह हुए सर्वे के आधार पर दो हजार 391 किमी सड़कें मरम्मत के लिए चिह्नित की गई हैं। इनमें कई ऐसी सड़के भी हैं, जिनके नवीनीकरण की जरूरत है। सबसे ज्यादा हालत मैनपुरी में सड़कों की खराब है। यहां करीब 700 किमी सड़कों पर गड्ढे हैं। मथुरा में 595 किमी, आगरा में 556 किमी और फिरोजाबाद में 539 किमी पीडब्ल्यूडी की सड़कें जर्जर हैं। इनके अलावा नगर निगम, विकास प्राधिकरण, ग्रामीण अभियंता विभाग की 250 किमी से अधिक सड़कों को मरम्मत की जरूरत है। इस तरह करीब 2500 किमी से अधिक सड़कें टूटी पड़ी हैं। सड़कों के गड्ढे भरने में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है।
भ्रष्टाचार से गुणवत्ता खराब
जन प्रहरी संस्था संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब है। भ्रष्टाचार के कारण घटिया सामग्री इस्तेमाल होती है। ठेकेदार, इंजीनियर और नेताओं की साठगांठ से जनता की गाढ़ी कमाई को सड़कों के गड्ढों में मिलाया जा रहा है। कमीशन के कारण सड़कें टिकाऊ नहीं बनतीं।
मंडल में पीडब्ल्यूडी की सड़कों का रिपोर्ट कार्ड
- जिला: सड़कों की संख्या: सड़कों की लंबाई: सड़कों में गड्ढे
- आगरा: 1731 4401 556
- मथुरा: 1233 2824 596
- फिरोजाबाद: 1409 3378 539
- मैनपुरी: 1866 3810 700