आगरा। यूं तो भालू एक सर्वाहारी जीव है मगर कीठम स्थित भालू संरक्षण गृह में कलंदरों से बचाए भालुओं को संतुलित और पौष्टिक आहार के रूप में दलिया विशेष रूप से दिया जाता है। इसमें अनाज के साथ सब्जी, फल व अन्य पोषक पदार्थों को मौसम के अनुरूप बदल दिया जाता है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक डॉ. एस इलियाराजा बताते हैं, दलिया वह सब कुछ प्रदान करता है जो स्वस्थ रहने के लिए भालू को चाहिए। वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा तैयार किए जाने वाले दलिया में रागी, ज्वार और बाजरा का एक मौसम-अनुकूल मिश्रण है। शरीर के तापमान को कम रखने में मदद के लिए गर्मियों में रागी की मात्रा बढ़ा दी जाती है, जबकि गर्मी और चयापचय को बढ़ावा देने के लिए सर्दियों में बाजरा की मात्रा बढ़ा दी जाती है। अनाज के आधार में छोले (भिगोए, उबले और मसले हुए) के साथ कद्दू, गाजर और शकरकंद जैसी सब्जियां भी शामिल हैं।
प्रत्येक भालू को हर दिन लगभग 8-9 किलोग्राम दलिया मिलता है, जो उसके स्वास्थ्य और गतिविधि के स्तर के अनुसार तैयार किया जाता है। भूख, पाचन और आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इस मिश्रण को गुड़ और शहद से हल्का मीठा किया जाता है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण कहते हैं, विज्ञान और अनुभव से तैयार किया गया यह दलिया बुनियादी पोषण और उन्नत वन्यजीव पुनर्वास में मील का पत्थर साबित हो रहा है।