जनगणना 2021 की तैयारी शुरू हो चुकी है। मई के पहले पखवाड़े से जनगणना का काम शुरू हो जाएगा। इसमें प्रत्येक परिवार को अपने रोजगार, परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी सामान्य जानकारी ही नहीं बल्कि घर में कितनी गाड़ियां हैं, कितने मोबाइल, इंटरनेट के इस्तेमाल (रहन सहन के स्तर के आंकलन के लिए) के बारे में बताना होगा। इसके लिए ट्रेनिंग जल्द शुरू होगी।
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जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण का काम 16 मई से 23 जून तक चलेगा। इसमें घरों की गणना की जाएगी। इसके लिए चार मास्टर ट्रेनर 148 फील्ड ट्रेनर को प्रशिक्षण देंगे।
फील्ड ट्रेनर ब्लॉक और नगर पंचायत स्तर पर गणना कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। पहले चरण की गणना में गणनाकर्मी 34 बिंदुओं पर प्रत्येक परिवार से जानकारी एकत्रित करेंगे। फरवरी में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के संशोधन का काम शुरू होगा। इसमें प्रत्येक नागरिक को अपनी नागरिकता के बारे में जानकारी देनी होगी।
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गणना के दौरान पूछे जाएंगे इन सवालों के जवाब
- घर का स्थायी पता, घर में कितने लोग हैं।
- घर के प्रमुख का नाम, उसकी प्रकृति
- घर के मुखिया किस जाति व समाज से हैं।
- पीने के लिए पानी का जरिया क्या है।
- बिजली कनेक्शन है या नहीं। है तो बिजली खर्च कितना
- रसोई में इस्तेमाल होने वाला ईंधन, गैस, स्टोव, लकड़ी।
- घर में लैंड लाइन फोन, मोबाइल, इंटरनेट कनेक्शन।
- मनोरंजन के लिए डिश केबल
- घर में कितने वाहन, कार, स्कूटर, बाइक आदि
गलत जानकारी पर जुर्माने का प्रावधान
जनगणना के दौरान सभी जानकारी सटीक देनी हैं। अगर कोई गृहस्वामी गलत जवाब देता है और तस्दीक नहीं होता है तो इस पर एक हजार रुपये का जुर्माना है। जनगणना 2021 का काम मई में शुरू होगा। प्रशिक्षण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। - सुभाष कुमार सिंह, अपर जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी
आर्थिक गणना में जुटाया जा रहा कुटीर व घरेलू कार्यों का ब्योरा
15 जनवरी से जिले में निजी एजेंसी के कर्मचारियों ने आर्थिक गणना का काम शुरू कर दिया है। इसमें कर्मचारी हर घर में पहुंचकर घरों में चलने वाले छोटे मोटे कामकाज का ब्योरा जुटा रहे हैं। अगर किसी घर में महिलाएं बिछुए, राखी व जूते के कार्य में लगी हैं, जिनसे कि आय प्राप्त हो रही है।
इसी तरह घरों में चलने वाले बुटीक, ब्यूटी पार्लर, दुकानों और अन्य रोजगार परक कार्यों के बारे में पूरी जानकारी आर्थिक गणना में जुटाई जा रही है। यदि कोई पशु पालक, दुग्ध बेचकर धनोपार्जन कर रहा है तो यह कुटीर उद्योग में गिना जाएगा।
सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि सेवा के बदले धनोपार्जन को उद्योग की श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें भी 20 बिंदुओं पर ब्योरा लिया जाएगा। इसमें उद्योग, उद्योग का प्रकार, परिवार के कितने लोग रोजगार में लगे हैं, कितने बेरोजगार है, सीजनल व्यापार, रोजमर्रा का रोजगार आदि के बिंदु शामिल हैं।