दो माह से ताजनगरी देश के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप 5 की लिस्ट में बरकरार है। रविवार को सभी रिकार्ड तोड़ते हुए आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा नंबर एक पर है। इसके बाद फरीदाबाद और लखनऊ तीसरे नंबर पर है। सूबे के आगरा, कानपुर और लखनऊ में प्रदूषण मानक से कई गुना ज्यादा खतरनाक स्तर पर है।
सर्दी के साथ शहर के लोग प्रदूषण से भी जूझ रहे हैं। रविवार को कोहरे की चादर छाई रही तो वहीं जहरीली हवाएं भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गईं। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन डाई आक्साइड, कार्बन मोनोक्साइड और पर्टिकुलेट मैटर 2.5 मानक से पांच गुने ज्यादा दर्ज किए गए। आगरा का एक्यूआई 423 पर रहा, जबकि एनसीआर के फरीदाबाद में यह 408 पर रहा। रविवार को सड़क पर वाहन भी कम रहते हैं। ऐसे में आगरा का सबसे प्रदूषित शहर बनना पर्यावरण विशेषज्ञों को भी चौंका गया।
नगर निगम ने डस्टबिन में ही जलाया कूड़ा
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री लोकसभा में साफ कह चुके हैं कि आगरा नगर निगम के कूड़ा जलाने से ताजमहल पीला पड़ रहा है। इसके बाद भी नगर निगम ने कूड़ा जलाना बंद नहीं किया। रविवार की छुट्टी में कूड़ा उठाने की जगह ज्यादातर कर्मचारियों ने डस्टबिन में ही कूड़ा जला दिया। कूड़े में पालीथिन और लेदर की कतरन ही ज्यादा होने से जहरीली गैसें निकलीं और लोगों को शाम को सांस लेने में दिक्कतें हुईं।
अस्थमा रोगियों के लिए मुश्किल
सर्दी के साथ स्मॉग अस्थमा रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है। एसएन मेडिकल कालेज के क्षय एवं वक्ष रोग विभागाध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने बताया कि प्रदूषित वायु से श्वांस रोग होने का खतरा सर्वाधिक है। पुराने मरीजों में इन्फेक्शन की संभावना अधिक रहती है। अस्थमा पीड़ितों की दिक्कत अधिक बढ़ जाती है।
शहर एयर क्वालिटी इंडेक्स
आगरा 423
फरीदाबाद 408
लखनऊ 397
कानपुर 385
दिल्ली 361
अहमदाबाद 349
पटना 322
दोपहर में सबसे ज्यादा जहरीली हवाएं
तत्व औसत न्यूनतम अधिकतम
सल्फर डाई आक्साइड 9 1 142
नाइट्रोजन डाईक्साइड 29 12 74
पर्टिकुलेट मैटर 423 361 500
ओजोन 29 0 50
पर्यावरण मंत्रालय कमेटी करेगी जांच
फीरोजाबाद/आगरा। पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण की जांच के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी 13 और 14 दिसंबर को टीटीजेड के उद्योगों के प्रदूषण का ताजमहल पर प्रभाव का अध्ययन करने आ रही है। वायु गुणवत्ता की जांच के साथ प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी और औद्योगिक इकाइयों में क्षमता वृद्धि की हकीकत भी जानेगी। ताजमहल के पीला पड़ने के मामले में मंत्रालय प्रशासन के उठाए कदमों को भी जानेगी। यह कमेटी 13 दिसंबर को आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय में, 10 बजे जिला प्रशासन, उद्योग विभाग, प्रदूषण बोर्ड सहित अन्य अफसरों के साथ बैठक करेगी। 11 बजे एनजीओ और 12 बजे उद्यमी संगठनों के साथ बैठक की जाएगी। 14 दिसंबर को कमेटी में शामिल अफसर टीटीजेड आगरा से लेकर टूंडला, फीरोजाबाद तक आधुनिक यंत्रों के सहारे वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण की जांच कर आंकड़े जुटाएंगे। कमेटी जनवरी-15 से क्षमता वृद्धि पर लगी रोक के बाद इकाइयों में क्षमता वृद्धि हुई अथवा नहीं, इसकी भी जांच करेगी।