यह खबर डरावनी है। विकास का अमृत हम भले ही दिल्ली के बराबर न जुटा पाए हों लेकिन अनजाने सही, हवा में ‘जहर’ घोलने में हम दिल्ली से होड़ कर रहे हैं। कई-कई दिन तो आगे रहते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा हाल ही में जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के अनुसार देश के दो ही शहर रेड जोन में हैं। दिल्ली और आगरा। दुनिया की बात करें तो ताजनगरी प्रदूषण में टॉप-20 शहरों में भी शामिल है।
सीपीसीबी द्वारा जारी एक्यूआई के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के द्वारिका, शादीपुर, सिविल लाइंस, एयरपोर्ट क्षेत्र में आगरा से कम प्रदूषण था। पड़ोसी जयपुर से भी ज्यादा प्रदूषण यहां मिला। सीपीसीबी ने वायु गुणवत्ता के आधार पर अगस्त 2015 में देश के 107 शहरों के 233 स्थानों पर प्रदूषण की माप की थी। दिल्ली और आगरा में का प्रदूषण खतरे के निशान तक बढ़ा मिला। यानी, इन शहरों में प्रदूषण किसी को भी बीमार करने तक बढ़ चुका है। ताजनगरी के प्रदूषण पर वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन ने भी चिंता जताई है। इसके गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, दुनिया के टॉप-20 प्रदूषित शहरों में आगरा 19वें नंबर पर है। वर्ष 2014 की यह रिपोर्ट 91 देशों के 1600 शहरों के वायु परीक्षण पर आधारित है।
लेकिन नियंत्रण के उपाय नहीं
बढ़ते प्रदूषण पर पूरी दुनिया चिंतित है। चीन में रेड अलर्ट है तो दिल्ली में सम-विषम नंबरों के हिसाब से वाहन चलाने पर मंथन जारी है। मगर, जिस ताजमहल की वजह से दुनिया के मानचित्र पर देश की पहचान है उसके नगर को बचाने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। कुछ उपाय हुए भी तो भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गए। ऐसा भी नहीं कि दिल्ली में बैठे आला अफसर आगरा की स्थिति से अनजान हैं। फिर भी, कोई प्रयास नहीं।
दुनिया के टॉप 20 प्रदूषित
शहरों में 13 भारत के
1. दिल्ली
2. पटना
3. ग्वालियर
4. रायपुर
5. कराची, पाकिस्तान
6. पेशावर, पाकिस्तान
7. रावलपिंडी, पाकिस्तान
8. खोरमाबाद, इराक
9. अहमदाबाद
10. लखनऊ
11. फीरोजाबाद
12. दोहा, कतर
13. कानपुर
14. अमृतसर
15. लुधियाना
16. ईदगिर, तुर्की
17. नारायनगंज, बांग्लादेश
18. इलाहाबाद
19. आगरा
20. खन्ना
स्रोत: वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन की सूची
ताजमहल पर प्रदूषण
दो साल में दोगुना
प्रदूषण से ताजमहल पर खतरा लगातार बढ़ रहा है। रेसपिरेटरी सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) वर्ष 2014 की तुलना में इस साल अक्तूबर में दोगुना हो गया। सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मेटर (एसपीएम) में भी भारी बढ़ोतरी हुई। हाल यह है, धूल के कण पैरों से रगड़ कर ताज के संगमरमरी फर्श तो दरारों में चिपककर दीवारों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अपने शहर का हाल
01 अक्तूबर 2015
स्थान आरएसपीएम एसपीएम
ताजमहल 177 302
एत्माद्दौला 227 438
01 अक्तूबर 2014
स्थान आरएसपीएम एसपीएम
ताजमहल 98 258
एत्माद्दौला 124 253
नोट: सीपीसीबी के आंकड़े माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर में हैं।
मंगलवार को विभिन्न शहरों का हाल
शहर एक्यूआई
आगरा 370
दिल्ली (द्वारिका) 277
लखनऊ (लालबाग) 438
कानपुर (नेहरू नगर) 428
वाराणसी (अर्दली बाजार) 366
जयपुर 346
जोधपुर 261
फीरादाबाद 439
स्रोत: सीपीसीबी के आंकड़े।