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Health News: प्रदूषण दे रहा बीमारी, धूल-धुआं से 11 फीसदी बच्चों को अस्थमा; चिकित्सकों ने दी ये सलाह

Mon, 19 May 2025 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लीनिकल मेडिसिन की कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान हुए। इसमें बढ़ते प्रदूषण से बच्चों को होने वाली बीमारियों पर चर्चा की गई।च 
 
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वायु प्रदूषण - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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आगरा में बढ़ता प्रदूषण लोगों को बीमार कर रहा है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों के लिए है। हवा में धूल-धुआं की बढ़ती मात्रा से 11 फीसदी बच्चों में अस्थमा (दमा) की दिक्कत है। माल रोड स्थित होटल में इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लीनिकल मेडिसिन की कार्यशाला में चिकित्सकों ने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम नहीं हुई तो इसके दर और तेजी आएगी।
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मुख्य वक्ता डॉ. गोपीचंद गुप्ता ने बताया कि 8-11 फीसदी बच्चों में दमा की परेशानी मिल रही है। सबसे बड़ी वजह वाहन, कारखानों से निकलने वाला धुआं, खुले में कचरा जलाना और परागकण है। राहत की बात है कि इलाज और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने से वयस्क होने तक 9 फीसदी में यह बीमारी ठीक हो जाती है।

मुख्य अतिथि डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि लकड़ी-उपलों पर भोजन बनाना, कार्यस्थल पर हवा निकासी का बेहतर प्रबंधन न होने से भी यह बीमारी हो रही है। डॉ. एएस सचान ने कहा कि सांस फूलने, खांसी, बार-बार छींक आने, मौसम बदलने पर दिक्कत होने, सीने में जकड़न की दिक्कत होने पर दमा की जांच कराते हुए इलाज शुरू कराएं।
 
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डॉ. वरुण चौधरी ने एलर्जिक अस्थमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रदूषित कण सांस नलिकाओं को संक्रमित कर देते हैं, जिससे ये संकुचित हो जाती हैं। मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है। डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. संतोष कुमार और डाॅ. तरुण सिंघल ने बचाव करने की सलाह दी। संयोजक डॉ. प्रशांत प्रकाश ने आभार जताया। कार्यशाला में डॉ. वाईबी अग्रवाल, डॉ. एके खन्ना, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. डीपी अग्रवाल आदि ने भी व्याख्यान दिए।
 
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