आगरा में बढ़ते वायु प्रदूषण का ठीकरा नगर निगम ने यूपी मेट्रो रेल काॅरपोरेशन पर फोड़ दिया है। निगम ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर कहा है कि मेट्रो के निर्माण की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में इसे नियंत्रित करने के लिए बोर्ड अपने स्तर से उचित कदम उठाए।
यह पत्र ऐसे समय में लिखा गया है जब मौसम में नमी और ठंडक बढ़ने के बीच शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक रोजाना बढ़ रहा है। इस बीच निगम के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली स्वच्छता काॅरपोरेशन के लचर ढर्रे की वजह से शहर में खुले में कूड़ा डंप करके जलाया जा रहा है।
हालांकि निगम का कहना है कि कूड़ा खुले में नहीं जलाया जा रहा, बल्कि उसने वायु प्रदूषण के लिए मेट्रो निर्माण से उड़ने वाली धूल को कारण बता दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू हो चुका है, जिसके तहत वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के विशेष निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में यूपीएमआरसी को अपने निर्माण स्थलों को ढककर निर्माण करना चाहिए। साथ ही लगातार पानी का छिड़काव भी करना चाहिए ताकि धूल न उड़े।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि शहर में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए निगम क्षेत्र में मलबा हटाने और निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम उठाने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मशीनों की मदद से सड़कों की सफाई कराई जा रही है ताकि प्रदूषण बढ़ने से रोका जा सके।
आज से चलेगा धुलाई अभियान
प्रदूषण नियंत्रण के लिए रविवार से नगर निगम शहरभर में सफाई और धुलाई अभियान शुरू करेगा। अभियान के तहत एमजी रोड, एमजी रोड-2, यमुना किनारा, फतेहाबाद रोड, सिकंदरा-बोदला रोड, करकुंज रोड और खेरिया वीआईपी मार्ग के किनारे स्थित फुटपाथ और रोड पर डिवाइडर की मशीनों से धुलाई की जाएगी। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि यह अभियान 15 नवंबर तक लगातार चलाया जाएगा। धुलाई कार्यों के लिए नगर निगम के 20 वाहनों का उपयोग किया जाएगा।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो स्टेशन निर्माण के दौरान प्रदूषण को रोकने के लिए सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। रोजाना मशीनों से छिड़काव भी किया जा रहा है।