प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की ओर से मंगलवार को भेजी गईं बसों को भरतपुर-आगरा सीमा पर स्थित ऊंचा नगला में रोक लिया गया। इस पर दिनभर कांग्रेस और भाजपा नेताओं में बयानबाजी होती रही।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू राजस्थान सीमा पर ही धरने पर बैठ गए तो पुलिस ने 10 कांग्रेसियों पर केस दर्ज कर उन्हें और प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप माथुर को गिरफ्तार कर लिया। अजय कुमार लल्लू पर फतेहपुर सीकरी थाने में लॉकडाउन उल्लंघन का केस दर्ज किया गया।
अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हम तो प्रवासी श्रमिकों को सहूलियत देने के लिए मानवीय आधार पर एक हजार बसें लेकर आए थे। लेकिन प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और उनके अधिकारियों ने बसों को प्रदेश की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। यह उनकी मनमानी है।
एसपी ग्रामीण (पश्चिम) रवि कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतरराज्यीय बस चलाने के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद पास जारी किया जाता है और अनुमति दी जाती है। कांग्रेस नेताओं ने आवेदन नहीं किया था। पास न होने पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं थी।
'बसों को लखनऊ बुलाने का क्या औचित्य है ?'
गिरफ्तार किए जाने से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि प्रियंका गांधी ने 16 मई को 1000 बसों की अनुमति के लिए सरकार को पत्र लिखा था। 17 मई को राजस्थान बॉर्डर पर 500 बसें खड़ी कर दी। हम दिनभर इंतजार करते रहे, अनुमति नहीं मिली।
अजय कुमार लल्लू ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पहले हमें अनुमति ही नहीं दी और जब रात 12 बजे बसों की अनुमति दी तो इस शर्त पर कि बसों को लखनऊ लाया जाए। उन्होंने कहा कि रात के 12 बजे पत्र जारी करके बसों को लखनऊ बुलाने का क्या औचित्य है ?
लखनऊ में भी रिपोर्ट दर्ज
आगरा में यूपी-राजस्थान बॉर्डर पर हुए सियासी बवाल के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज की है।
राजस्थान सरकार के मंत्री भी पहुंचे
सीमा पर पहुंचे राजस्थान सरकार के दो मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग और जुबेर खान ने बताया कि 500 बसें भेजी गई हैं लेकिन आगरा प्रशासन ने इन्हें रोक लिया है। योगी सरकार को प्रवासियों की परवाह नहीं।
यूपी के राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह और फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने जवाब दिया कि कांग्रेस सिर्फ नौटंकी कर रही है जबकि योगी सरकार प्रवासियों को घर भेजने के सभी इंतजाम कर चुकी है।
सुबह आठ से रात तक यह हंगामा चलता रहा। सीमा पर भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया। आरएएफ भी लगाई गई। आगरा के एसपी पश्चिम रवि कुमार ने बताया कि बसों को आने देने की न अनुमति थी न ही पास जारी किया गया था। इस कारण इन्हें रोका गया है।
हम व्यवस्था कर रहे हैं, कांग्रेस नौटंकी : चौधरी उदयभान
कांग्रेस की ओर से आगरा प्रशासन पर लगे बसों को न घुसने देने के आरोप पर प्रदेश के राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि हम प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए व्यवस्था कर रहे हैं जबकि कांग्रेस सिर्फ नौटंकी कर रही है।
योगी सरकार ने मजदूरों को सुरक्षा, साधन और सुविधा सब दिए हैं। जब अधिकांश मजदूर घर चले गए और जो बचे हैं, उनके लिए भी इंतजाम कर दिए गए, तब कांग्रेस ने यह नौटंकी शुरू की है। अब तक ये कहां थे? दो महीने से मजदूरों की सुध इन्होंने क्यों नहीं ली?
मजदूरों को बसों में बिठाकर क्यों नहीं भेजा : चाहर
फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। अगर प्रवासी मजदूरों की कांग्रेस को जरा भी चिंता होती तो लाखों मजदूरों को बसों में बिठाकर उनके घरों तक पहुंचा देते।
आगरा के बॉर्डर पर 20 खाली बसों को लेकर दिखावा नहीं करते। यह वक्त सस्ती और ओछी राजनीति का नहीं है। धरना प्रदर्शन करना उनकी मानसिकता को दर्शाता है। श्रमिकों को घर पहुंचाने का काम सुचारु रूप से आगरा जिला प्रशासन कर रहा है। प्रशासन और सामाजिक संगठन भोजन आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। कांग्रेस अपनी नौटंकी बंद करे।