राणा के स्वाभिमान को क्षत्रियों ने ही नहीं, पिछड़ों और दलितों ने भी अपनी आन की तरह लिया है। शनिवार को गढ़ी रामी में आयोजित रक्त स्वाभिमान रैली में शिरकत कर उन्होंने यह साफ कर दिया। रैली में शामिल भाजपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक, किसान संगठनों और सनातन संघ की नुमाइंदगी में सभी जातियों के लोग रहे।
सपा से राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने जब राणा सांगा पर बयान दिया, तभी से संग्राम छिड़ा है। रैली में चिलचिलाती धूप के बावजूद अच्छी खासी भीड़ रही। बैनरों पर संयुक्त करणी सेना संघ, संयुक्त क्षत्रिय संघ और संयुक्त सनातन संघ नजर आ रहा था। पंडाल में जुटी भीड़ में भी यही नजर आया। क्षत्रियों के साथ अगड़ी जातियां थी हीं। इनके साथ पिछड़ी और दलित जाति के लोग भी राणा सांगा के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। इनका कहना था कि राणा इतिहास पुरुष हैं। इन पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं। यह जाति का नहीं इतिहास के स्वाभिमान का मामला है। अलीगढ़ के भूपेश यादव रैली में आए थे। उन्होंने कहा कि जाति और पार्टी अलग मसला है। स्वाभिमान अपनी जगह। अपने खर्च से रैली में शामिल होने आए हैं।
यह सेना-वेना सब नकली है
रामजी लाल सुमन हमारे हैं। अगर कोई अपमान करेगा तो समाजवादी लोग उनके साथ खड़े दिखाई देंगे। उनके सम्मान की लड़ाई लड़ेंगे। यह सेना-वेना सब नकली है। यह सब भाजपा वाले हैं। हिटलर ने भी ऐसी ही सेना बनाई थी। अपने कार्यकर्ताओं को पुलिस की वर्दी पहना देता था। फिर उनसे अपने विरोधी लोगों को पिटवाता था। उसे सुपर स्टार फोर्स कहते थे। ये जो सेना दिखाई दे रही है, वह भाजपा वालों की सुपर फोर्स है। - अखिलेश यादव, सपा प्रमुख
मेरी बात से नाखुश लोगों का विरोध जायज, लेकिन हिंसा अनुचित : सुमन
सपा सांसद रामजीलाल सुमन का आवास शनिवार को छावनी में बदल गया। इस मौके पर सुमन ने कहा कि मेरी बात से नाखुश लोगों को लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है। उनका विरोध जायज हो सकता है। जिस तरह से 26 मार्च को मेरी गैर मौजूदगी में घर पर हमला हुआ। तोड़फोड़ की गई। वाहन क्षतिग्रस्त किए। यह हिंसा अनुचित है। उन्होंने कहा कि अभी भी कोई मेरी जीभ काटने, तो कोई सिर काटने का एलान कर रहा है। इससे साबित हो रहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर है। संवाद
हाथ में तलवार और मूंछों पर ताव
रैली में शामिल युवा पूरे जोश में दिखे। उनके हाथों में तलवारें चमचमा रही थीं। यह हम सबकी शान राणा सांगा-राणा सांगा, नारेबाजी कर रहे थे। तलवार लहराकर बीच-बीच में मूंछों पर ताव भी दे रहे थे। संदेश साफ था। लड़ाई लंबी लड़ी जाएगी।
एसीपी बाह द्रविड़ कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस चौकन्नी रही। प्रदर्शन में बुलडोजर के इस्तेमाल के अंदेशे पर पुलिस ने बाह थाने में 5, जैतपुर थाने में 4, खेड़ा राठौर और चित्राहाट थाने में 3-3 बुलडोजर को खड़ा करा लिया।
जिलाध्यक्ष हाउस अरेस्ट, जुटे सपाई
रैली के दौरान टकराव टालने के लिए शनिवार को सुबह ही पुलिस ने सपा के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा को भदरौली में हाउस अरेस्ट कर लिया। एसीपी पिनाहट वीरेंद्र कुमार दुबे के नेतृत्व में हुई कार्रवाई की भनक लगते ही जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राजेश यादव व अन्य नेता वहां पहुंच गए। सुबह से शाम तक सपाइयों को हाउस अरेस्ट रखा गया।
सपा कार्यालय को फूंकने की आशंका पर दौड़ी पुलिस
सम्मेलन खत्म होने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि करणी सेना का ओकेंद्र राणा फतेहाबाद रोड की तरफ आ रहा है। सपा कार्यालय को फूंकने की आशंका है। इस सूचना पर पुलिस फोर्स भी दौड़ पड़ा। बैरियर लगाकर रास्ते बंद कर दिए। रात 8 बजे तक सपा कार्यालय पर भारी फोर्स तैनात रहा।
श्रीराम की शपथ, 2027 में कोई क्षत्रिय सपा को वोट नहीं देगा : ओकेंद्र राणा
करणी सेना के ओकेंद्र राणा ने सम्मेलन में नौ मांगें शासन-प्रशासन के सामने रखीं। इसमें सुमन की सदस्यता समाप्त करने, सांसद पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने, सुमन की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाए, करणी सेना के 26 मार्च को पथराव में घायल कार्यकर्ताओं की ओर से सपा सांसद के बेटे व अन्य पर रिपोर्ट दर्ज करने, सुमन को पार्टी से निकालें, 26 मार्च को प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को थर्ड डिग्री देने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करने और सेना के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। ओकेंद्र ने श्रीराम की शपथ दिलाते हुए कहा कि 2027 के चुनाव में कोई क्षत्रिय सपा को वोट नहीं देगा।
सपा सांसद को इसका खामियाजा भुगतना होगा : वीर प्रताप सिंह
करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह ने कहा कि सांगा के बलिदान पर सवाल उठाने वालों को यह दिखाना है कि देश में क्षत्रियों ने हमेशा ही अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्योछावर किया है। सपा सांसद को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
- केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि जो पीढि़यां पूर्वजों का सम्मान नहीं करती हैं, वह नष्ट हो जाती हैं।