कासगंज। कोरोना संकट का असर पोलिया अभियान पर भी पड़ा है। 9 माह से अभियान नहीं चलाया गया है। जिससे जिला के 3.5 लाख बच्चे पोलियो की खुराक पीने से वंचित हैं। स्वास्थ्य विभाग नौनिहालों को पोलियो से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण के समय खुराक पिलाता है। इसके अलावा पोलियो अभियान के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने की व्यवस्था है।
पहले यह अभियान प्रतिमाह चलाया जाता था लेकिन अब यह प्रतिवर्ष चार चरणों में चलता है। जिले में पोलियो अभियान के तहत इस वर्ष 19 जनवरी को अभियान चलाया गया। इस अभियान में 3,05,729 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस अभियान के बाद इस वर्ष में तीन और अभियान चलाए जाने हैं, लेकिन कोरोना संकट के चलते इस अभियान के बाद से जिले में पोलियो अभियान शुुरू नहीं हो सका है। सितंबर माह में अभियान के शुरू होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन शासन से हरी झंडी नहीं मिली। इससे बच्चों की पोलियो की खुराक पर ग्रहण लग गया।
फैक्ट फाइल
19 जनवरी को चलाया गया था अभियान
4 चरणों में चलाया जाता है अभियान
9 माह से बच्चों ने नहीं पी है पोलियो की खुराक
नवजात बच्चों को टीकाकरण के समय पोलियो की खुराक दी जा रही है। कोरोना संकट की वजह से रोके गए अभियान के सितंबर माह में शुरू होने की संभावना थी, लेकिन सरकार ने अभियान स्थगित कर दिया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद अभियान का शुभारंभ होगा। - डॉ. अंजुश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।