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सिपाही की आत्महत्या या हत्या: पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखकर चौंका भाई, बोला- वो ऐसा नहीं कर सकता

Sun, 21 Jan 2024 06:37 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

जलेसर कोतवाली परिसर में स्थित सरकारी आवास के अंदर सिपाही का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट आ गई है। जब सिपाही के भाई ने इस रिपोर्ट को देखा तो बोला कि वो ऐसा नहीं कर सकता है। 
 
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सिपाही अंकित कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा के जलेसर कोतवाली परिसर में स्थित सरकारी आवास के अंदर सिपाही अंकित कुमार का शव शनिवार की दोपहर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगाने से मौत होना आया है। जिसे लेकर पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन मृतक के भाई ने रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आत्महत्या को नकार दिया है। हत्या कर शव लटकाए जाने का आरोप लगाया है।
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जिला मुजफ्फरनगर के गांव भोर्राखुर्द निवासी अंकित कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें फंदे पर लटकने से मौत होना सामने आया है। थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सिपाही की फंदे पर लटकने से ही हुई है, यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई है। सुसाइड नोट भी मिल चुका है। वहीं भाई नैतिक कुमार ने बताया कि वह मथुरा के थाना बरसाना में पुलिस विभाग में तैनात है। उसने भाई के शव को बारीकी से देखा है। आत्महत्या जैसा कोई लक्षण सामने नहीं आया है।
 

फंदे पर लटकने वाले की जीभ, आंख, पेशाब या फिर मल निकल जाता है। लेकिन भाई के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। आरोप लगाया कि भाई की हत्या कर शव को लटकाया गया है। यह बात थाना पुलिस सुनने को तैयार नहीं है। तहरीर दी गई वह भी नहीं ली है। थाना पुलिस का कहना है कि शव का अंतिम संस्कार करके आओ, तब तहरीर देने पर मुकदमा दर्ज करेंगे। आरोप है कि थाना पुलिस अपने ही साथी की हत्या में सहयोग नहीं कर रही है।

बक्से में मिला लैपटॉप व पर्स
शनिवार को भाई व अन्य परिजन को मृतक का लैपटॉप व पर्स नहीं मिला था, इसको लेकर सवाल उठाए गए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजन के सामने मृतक का बक्सा खोला गया था, तब उसने लैपटॉप व पर्स मिल गया है। सारा सामान परिजन के सुपुर्द कर दिया है।
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युवती के संपर्क में रहकर डेढ़ वर्ष से कर रहा था बात
थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि आरक्षी के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई गई है। उसके अनुसार करीब डेढ़ वर्ष से वह एक युवती के संपर्क में था और दाेनों के बीच बात होती आ रही थी। युवती के मैसेज भी मिले हैं। उसकी ओर से आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। वह आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती थी। लेकिन अचानक क्या हुआ, यह समझ नहीं आ रहा है। सीओ अलीगंज कृष्ण मुरारी ने बताया कि अभी हत्या के आरोप की शिकायत मुझे नहीं मिली है। परिजन ऐसी शिकायत करते हैं तो इस दिशा में भी जांच कराई जाएगी। 
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