दुकान के सामने तिरपाल हटवाता पुलिस बल।
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यूपी-100 के तीन सिपाहियों द्वारा पंचकुइयां चौराहे पर 4.25 लाख रुपये लूटे जाने के मामले में मथुरा निवासी पीड़ित व्यापारी कन्हैया अग्रवाल के रवैये से अफसर हैरान रह गए हैं। उसने सिपाहियों के जेल जाने के तुरंत बाद ही कोर्ट में शपथ पत्र देकर कह दिया था कि उसके साथ लूट नहीं हुई। पुलिस के सामने अब दो चुनौती हैं। एक तो वह सिपाहियों के खिलाफ बयान दर्ज कराए। दूसरा कोर्ट में घटना के बारे में गवाही दे। इसके लिए अधिकारी खुद उससे बात करेंगे ताकि उसके मन में समाया डर निकल सके।
बता दें, मथुरा के बल्देव निवासी परचून व्यापारी कन्हैया अग्रवाल के साथ 17 दिसंबर को आगरा के पंचकुइयां चौराहे पर लूट हुई थी। उसकी ओर से 21 दिसंबर को दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक उसे तीन सिपाहियों ने लूटा था। इनमें से भानू प्रताप अलीगढ़ के चंदौस के गोरनारसींदपुर का रहने वाला है और केशव मथुरा के शेरगढ़ के खेकला का। तीसरा सिपाही मुकेश है, जो अभी फरार है।
कन्हैया ने इनके खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कराई। लेकिन इसके बाद कोर्ट में शपथ पत्र देकर कह दिया कि सिपाहियों ने उसे लूटा नहीं था बल्कि सिर्फ नसीहत दी थी कि इतने पैसे लेकर न चला करो, लूट हो जाएगी तो कौन जिम्मेदार होगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसका बयान दर्ज कराने के लिए उसे बुलाया जा रहा है लेकिन वह आने से मना कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि व्यापारी बुरी तरह से डरा सहमा है। उसे आशंका है कि सिपाही उसे कहीं फंसा न दें। उसने खुद बताया था कि सिपाहियों ने उसे थप्पड़ भी लगाए थे। एफआईआर में यह भी बताया है कि सिपाही उसे गाड़ी में बिठाकर दूर ले गए थे। पुलिस अधिकारी आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त करना चाहते हैं। ऐसे में कन्हैया का बयान बेहद अहम है। इस केस में उसकी कोर्ट में भी गवाही होनी है।
सुविधाओं का भी लिहाज नहीं किया
आगरा। यूपी 100 के सिपाहियों को इनोवा और बोलेरो जैसी लग्जरी गाड़ियां दी गई हैं। इनमें मैसेज रिसीव करने के लिए स्क्रीन लगी है। इन सिपाहियों को पोस्टिंग भी घर के पास दी गई है। यूपी-100 के लिए बार्डर स्कीम को खत्म किया गया था। इतना ही नहीं, गाड़ियों में पेट्रोल भरवाने के लिए स्मार्ट कार्ड दिए गए। मतलब सिपाहियों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। उन्हें छुट्टी भी खूब मिल रही हैं। काम भी थाना पुलिस की तरह चौबीस घंटे नहीं करना है। दिन रात की ड्यूटी का स्टाफ अलग है। सीएम ने इतना कुछ दिया। इसके बावजूद इन्होंने लूट जैसा अपराध कर यूपी - 100 को बदनाम कर दिया।