आंख में लगी चोट दिखाता युवक व मां का फाइल फोटो।
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आगरा के थाना एत्मादपुर पुलिस पर गंभीर आरोपों के घेरे में है। गांजा तस्करी के शक में पुलिस ऑटो चालक और उसके दोस्त को छलेसर चौकी पर ले आई। चालक का कहना है कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया। उसने अपनी मां को जानकारी दी। इस पर मां अपनी मकान मालकिन के साथ उसे छुड़ाने के लिए आ रही थीं। चौकी के सामने अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मृत्यु हो गई। पुलिस को हादसे का पता लगा तो शांति भंग में चालान करके मुचलके पर छोड़ दिया। घटना से बेटा आहत है। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे बिना जुर्म के पकड़ा। अगर ऐसा नहीं होता तो उसकी मां और मकान मालकिन जिंदा होतीं।
मूलरूप से राज नगर, लोहामंडी निवासी कपिल रावत ऑटो चलाता है। वर्तमान में शाहदरा में सिया देवी के मकान में मां सुनीता के साथ किराये पर रह रहा था। उसने बताया कि सोमवार रात को अपने दोस्त गुलफाम के साथ दो सवारियों को लेकर कुबेरपुर पहुंचा था। पुल के नीचे गलत दिशा से बाइक पर दो पुलिसकर्मी आए। उन्हें देखकर ऑटो में सवार युवक भागने लगे। पुलिसकर्मी उनके पीछे दौड़े। इस दौरान एक पुलिसकर्मी गिरकर चोटिल हो गया। पुलिस युवकों को नहीं पकड़ सकी।
कपिल ने बताया कि वह और गुलफाम कुछ समझ नहीं पाए। वो वहीं पर खड़े रहे। तभी पुलिसकर्मी उनके पास आ गए। कहा कि गांजा पी रहे हो। युवक तस्करी करके गांजा लाए थे। उन्होंने कहा कि युवक क्या कर रहे थे, उन्हें जानकारी नहीं है। मगर पुलिसकर्मी दोनों को पकड़कर छलेसर चौकी पर ले आए। आरोप है कि पुलिसकर्मी भागे हुए युवकों के नाम पूछने लगे। मना करने पर एक सिपाही ने बेरहमी से पीटा। उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य भी किया। बाद में उसने अपनी मां को फोन करके पुलिस के पकड़ने की जानकारी दी।
पुलिस चौकी के सामने हुआ हादसा
कपिल का कहना है कि मां उसे छुड़ाने के लिए चौकी पर आ रही थीं। उनके साथ मकान मालकिन सिया देवी थीं। दोनों ऑटो से उतरने के बाद हाईवे पार कर रही थीं। तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इनमें सिया देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुनीता के पैरों पर वाहन के पहिये चढ़ गए थे। उन्हें लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने जब घायल सुनीता से पूछा तो उन्होंने बताया कि छलेसर चौकी में बंद बेटे को छुड़ाने के लिए जा रही थीं। पुलिस ने कपिल को फोटो दिखाया तो पहचान लिया। बाद में पुलिस उन्हें थाने ले गई, जहां कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराने के बाद छोड़ दिया। इलाज के दौरान सुनीता देवी की भी मृत्यु हो गई।
युवक के आरोपों की होगी जांच: डीसीपी
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि एसीपी एत्मादपुर देवेश सिंह को जांच के आदेश किए हैं। कपिल को थाने पर बुलाया गया मगर वो नहीं आया है। उसने फोन भी स्विच ऑफ कर लिया। उसके साथी ने यही बताया कि उसे पूछताछ के लिए पुलिसकर्मी लाए थे। उनके साथ थर्ड डिग्री और अप्राकृतिक कृत्य के आरोप गलत हैं। एसीपी से पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। घटना की जानकारी होने पर दोनों युवकों को रात में ही छोड़ दिया गया था। अज्ञात वाहन से टक्कर के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अंतिम संस्कार के बाद युवक ने आरोप लगाया है।