फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: 13 छात्राओं के स्कूल छोड़ने पर हरकत में आई पुलिस, मनचलों को सिखाएगी सबक

Sun, 28 Jul 2019 01:19 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
विद्यालय में पुलिस ने छात्रों को किया जागरुक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के एक गांव में मनचलों के डर से 13 छात्राओं के स्कूल छोड़ने का मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आए। शनिवार को गांव में पुलिस ने पहुंचकर छात्राओं से बात की। इसके बाद उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया। 
विज्ञापन


शनिवार सुबह 11 बजे थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार और एएसपी गोपाल चौधरी गांव गए। उन्होंने छात्राओं से बात की। एक छात्रा ने शिकायत की कि पांच जुलाई को घर आते समय बाइक सवार से लिफ्ट ली थी। वो उसे जंगल की तरफ ले गया। 

इसके बाद युवक ने बाइक रोक ली थी। वो किसी तरह बचकर भाग आई थी। इस बारे में घरवालों को बताया। इसके बाद से स्कूल नहीं गई। पुलिस से शिकायत नहीं की। जब आसपास की अन्य छात्राओं को पता चला तो वह भी डर गईं। 
विज्ञापन


उन्होंने भी स्कूल जाना बंद कर दिया। पुलिस ने कहा कि स्कूल खुलने और बंद होने के समय में गांव के रास्ते पर पुलिस गश्त करेगी। अगर, कोई हरकत करता है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही छात्राओं ने स्कूल जाने की बात कही।
Trending Videos

'डरे नहीं, सहेलियों के साथ जाएं'

छात्राओं के विद्यालय में भी पुलिस पहुंची। उन्हें बताया कि स्कूल आने और लौटने में डरे नहीं। अपनी सहेलियों के साथ जाएं। अपने परिवार वालों को भी बुला सकती हैं। एक साइकिल पर दो छात्राएं जाएं, जिससे साथ बना रहे। अगर, कोई मनचला हरकत करता है तो पुलिस की मदद लें। पुलिस सबक सिखाएगी। अगर, कोई साधन नहीं मिल रहा है तो पुलिस की गाड़ी घर पहुंचाएगी।

छह किलोमीटर दूर विद्यालय, दो किलोमीटर में जंगल

गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि गांव विद्यालय से छह किलोमीटर दूर है। इसमें दो किलोमीटर में जंगल पड़ता है। पहले ट्रैक्टर ट्रालियों में जाते थे। मगर, अब ट्रैक्टर ट्रालियां बंद हो गई हैं। इस कारण छात्राओं को पैदल जाना पड़ता है।

छात्रा को मिली साइकिल 

सातवीं कक्षा की जिस छात्रा ने सबसे पहले विद्यालय जाना बंद किया था, उसको पुलिस की ओर से साइकिल दी गई है। अब उससे कहा है कि वो अपनी सहेलियों के साथ रोजाना स्कूल जाए। आने-जाने में साइकिल का प्रयोग करे।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक भीष्मपाल सिंह ने बताया कि मनचलों के डर से 13 छात्राओं ने विद्यालय आना छोड़ दिया था। पुलिस टीम गांव में आई थी। सुरक्षा का भरोसा दिया गया। पुलिस ने गश्त की बात कही है।
 
विज्ञापन

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सिकंदरा के गांव में थाना प्रभारी और एएसपी को भेजा था। उन्होंने छात्राओं से बात की। एक छात्रा ने बताया कि वह पांच जुलाई को आ रही थी। लिफ्ट ली थी। तब उसे युवक जंगल में ले गया था। वह भाग आई थी। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय पेट्रोलिंग की जाएगी।

पहले घटना असत्य बताई, फिर दे दी साइकिल 

महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस का कहना है कि पुलिस पहले घटना को असत्य बता रही थी। इस बारे में ट्वीट करके भी बताया था। इस पर मैंने छात्राओं की डीएम को लिखी चिट्ठी और वीडियो बयान के बारे में बताया। 

तब मीडिया सेल से फोन करके मुझसे जानकारी ली गई। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची। छात्रा को साइकिल देकर आई। एक छात्रा को साइकिल देने से कुछ नहीं होगा। 12 और छात्राएं हैं, जोकि स्कूल नहीं जा पा रही हैं। उनके लिए भी आने-जाने की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें