पुलिस का घेरा तोड़कर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सांसद सुमन ने आवास से निकलने की कोशिश की। लेकिन, पुलिस ने बैरियर लगा दिए। रास्ते बंद कर दिए। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कहासुनी और हंगामा हुआ। सुमन ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि सात दिन में प्रतिमा तोड़ने वाले जेल नहीं भेजे गए तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सुमन ने कहा कि अखिलेश के जन्मदिन पर उनका पोस्टर फाड़ा गया। पुलिस मूक-बधिर बनी रही।
सपा सांसद ने कहा कि पुलिस की निष्क्रिय कार्यशैली से दलित समाज हतोत्साहित है। इस दौरान पूर्व विधायक रणजीत सुमन, शशांक यादव, गौरव यादव, शराफत हुसैन, महेंद्र सिंह, शाहिद कुरैशी, बृजमोहन राही, ओम प्रकाश मकवाना, सलीम शाह, धर्मेंद्र यादव, रविकांत मिश्रा, राजपाल बाबा, अवनींद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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