विधि विज्ञान प्रयोगशाला में होगी जांच
सीओ लोहामंडी अर्चना सिंह ने बताया कि आरोपी तेजाब कहां से लेकर आया। यह कौन सा था। इस बारे में पता नहीं चल सका है। घटनास्थल से स्टील की दो शीशी मिली थीं। इसके अलावा पलंग की निबाड़ और कपड़े भी जले थे। इन्हें कब्जे में लिया गया है। इनको विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच के बाद ही पता चलेगा कि तेजाब किस तरह का था।
छांव एनजीओ की ओर से की जा रही है मदद
छांव फाउंडेशन के निदेशक आशीष शुक्ला ने बताया कि तेजाब हमले में घायल मां-बेटी को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। दोनों को आईसीयू में रखा गया है। क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी लिखा जा रहा है। फाउंडेशन की ओर से इलाज में सहायता की जा रही है।
शरीर के लिए घातक है यह तेजाब
आगरा कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर अमित अग्रवाल ने बताया कि हाइड्रो क्लोरिक एसिड का प्रयोग टॉयलेट को साफ करने में होता है। पॉट को साफ करने के लिए इसको तनु (हल्का) कर देते हैं। बंद पड़ी नाली साफ कर प्रयोग करते हैं। इसे दुकानदार भी बेच रहे हैं। मेटल साफ करने के लिए सल्फ्यूरिक एसिड का प्रयोग किया जाता है। दोनों ही अम्ल शरीर के लिए घातक हैं। शरीर के जिस अंग पर गिरते हैं, उसको बेकार कर देता है।
शहर में चार तरह का तेजाब बेचा जा रहा
कोतवाली क्षेत्र के एक व्यापारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शहर में चार तरह का तेजाब बेचा जा रहा है। होल सेल में तेजाब के रेट भी फिक्स हैं। इसमें नमक का 3.5 रुपये, गंधक का 14 रुपये, सीबी का 27 रुपये और चलताऊ तेजाब 17 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है। सराफ भी बड़ी मात्रा में जेवर साफ करने में तेजाब का प्रयोग करते हैं। बाजार में यह आसानी से मिल जाता है। दुकानदार बस आधार कार्ड लेते हैं। पुराने ग्राहकों के लिए यह नियम भी नहीं है।
विक्रेताओं के रजिस्टर चेक करेगी पुलिस
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि असलम के परिवार पर तेजाब डालने का आरोपी जेल भेजा जा चुका है। जिस इलाके में पीड़ित रहते हैं, वहां पर चांदी के जेवर साफ करने का काम होता है। इसमें तेजाब का प्रयोग होता है। पुलिस यह चेक कर रही है कि आरोपी कहां से तेजाब लेकर आया। नियम है कि टायलेट क्लीनर के अलावा तेजाब की बिक्री के लिए खरीदार का आधार कार्ड लेना आवश्यक है। दुकान के अंदर रजिस्टर होना चाहिए, जिसमें खरीदार की जानकारी होनी चाहिए। पुलिस दुकानों के रजिस्टर चेक करेगी।