आगरा के थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। झरना नाला स्थित शाहदरा कट के पास खड़े कैंटर से पुलिस ने खाली क्रेटों के नीचे छिपाकर रखा गया 101 किलो 620 ग्राम गांजा बरामद किया। इसकी कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल कैंटर कब्जे में ले लिया है। गिरोह से जुड़े अलीगढ़ निवासी अनिल की तलाश की जा रही है।
एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात पुलिस झरना नाला स्थित शाहदरा कट के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि एक कैंटर में खाली क्रेटों के नीचे गांजा छिपाकर रखा गया है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कैंटर चालक को हिरासत में ले लिया। कैंटर में तलाशी के दौरान प्लास्टिक के कट्टों में गांजा बरामद हुआ।
पकड़े गए आरोपी की पहचान दीपक कुमार निवासी गोपी चांदपुर, थाना अकराबाद, अलीगढ़ के रूप में हुई। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि अलीगढ़ निवासी अनिल ने उसे कैंटर उपलब्ध कराया था और ओडिशा से गांजा लाने के लिए कहा था। गांजे की खेप आगरा और अलीगढ़ में पहुंचाई जानी थी। इसके बदले उसे प्रत्येक चक्कर के 50 हजार रुपये मिलने थे।
पुलिस के अनुसार दीपक वर्ष 2024 में भी फिरोजाबाद के रामगढ़ थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बरामद कैंटर रावत कॉलोनी निवासी बरहन निवासी राजकुमार के नाम पर पंजीकृत है।
एक चक्कर के मिलते थे 50 हजार रुपये
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले भी गांजा तस्करी कर चुका है। इस बार ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप लेकर आया था। आगरा और अलीगढ़ में इसकी सप्लाई की जानी थी। एक चक्कर के बदले उसे 50 हजार रुपये मिलने थे। पुलिस अब अनिल समेत गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में जुटी है।