इंद्रा कालोनी में 11 जनवरी की रात को हिस्ट्रीशीटरों के गैंग ने रिटायर्ड दारोगा सुरेंद्र सिंह के बेटे और भतीजे को गोली मारकर घायल किया था। 16 जनवरी को थाना जगदीशपुरा पुलिस ने मिढ़ाकुर निवासी दानिश को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि शाहगंज में फायरिंग के आरोपी हिस्ट्रीशीटरों को भी संरक्षण उसने दिया था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। उसका रिमांड स्वीकृत हो गया।
उधर, उसी दिन फायरिंग मामले की साजिश में शामिल सोरों कटरा निवासी नवाजिश को लेकर चौकी प्रभारी शाहगंज डिवीजन अक्षय राणा भी कोर्ट पहुंचे। उन्होंने नवाजिश के साथ जगदीशपुरा पुलिस से दानिश को भी कब्जे में ले लिया। दोनों को विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह की कोर्ट में ले गए मगर केस डायरी में दानिश की गिरफ्तारी का कोई पर्चा नहीं था। गिरफ्तारी प्रपत्र भी नहीं था। दानिश को गिरफ्तारी का कारण भी नहीं बताया। कोर्ट ने मामले को अवैधानिक माना।
कहा कि विवेचक ने विधि व्यवस्था में दिए गए सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर अगर रिमांड दिया जाता है तो यह विधि विरुद्ध होगा। कोर्ट ने दानिश को रिमांड अस्वीकृत कर दिया। नवाजिश का रिमांड स्वीकृत कर न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। उधर, जगदीशपुरा में दर्ज आर्म्स एक्ट के मुकदमे में दानिश और शाहगंज में दर्ज जानलेवा हमले की साजिश के मामले में नवाजिश को जेल भेज दिया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि विवेचक ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया था। कानूनी प्रक्रिया की जानकारी के लिए समय समय पर कार्यशाला आयोजित कराई जाएंगी।