आगरा के लालऊ गांव में 18 दिसंबर को 10 वीं की छात्रा संजलि को जिंदा जलाकर मार दिए जाने की घटना का पुलिस ने आठवें दिन मंगलवार को खुलासा कर दिया। छात्रा की मौत के बाद खुदकुशी कर लेना वाला उसका तहेरा भाई योगेश ही मास्टरमाइंड निकला।
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जघन्य वारदात की वजह यह रही कि संजलि ने उसे व्हाट्स एप चैट में ‘लूजर’ कह दिया था। यह तक कह दिया था कि तुम भाई कहलाने के लायक नहीं हो। इसी से उसके अंदर नफरत की आग भड़क गई। उसने दो रिश्तेदार युवकों के साथ मिलकर वारदात की।
पुलिस ने दोनों आरोपियों आकाश और विजय को गिरफ्तार कर लिया। योगेश ने इन्हें 15-15 हजार रुपये देने का लालच देकर वारदात में शामिल किया था। इनसे हत्या में इस्तेमाल बाइक दो बाइक, हेलमेट बरामद हो गए हैं। इन्होंने बताया है कि योगेश ने क्राइम सीरियल देखकर साजिश रची।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखे आरोपी
घटना का खुलासा करते एसएसपी अमित पाठक
- फोटो : अमर उजाला
23 नवंबर को संजलि के पिता हरेंद्र पर हमला हुआ था। संजलि को लगा कि हमला योगेश ने करवाया है। उसने व्हाट्स ऐप पर मैसेज में लिख दिया था, यू आर लूजर। तभी योगेश में नफरत की आग भड़क गई और उसने संजलि को जिंदा जलाने की ठान ली।
संजलि के स्कूल के पास के वारदात की तारीख 18 दिसंबर के सीसीटीवी फुटेज में योगेश, विजय और आकाश बाइक से संजलि के पीछे जाते नजर आए। इसी से पुलिस को सुराग मिल गया। आकाश और विजय से पूछताछ की तो खुलासा हो गया।
ये भेजे गए जेल
- विजय पुत्र राजकुमार निवासी कलवारी, जगदीशपुरा (योगेश के मामा का बेटा है, बढ़ई का काम करता है)
- आकाश पुत्र विज्जो सिंह निवासी मनिया, मलपुरा, हाल निवासी लखनपुर, शास्त्रीपुरम (विजय की बहन का देवर है, बढ़ई का काम करता है।
लालऊ गांव में 18 दिसंबर की दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटती 10 वीं की छात्रा संजलि को रास्ते में पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। उसने 19 की रात दो बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। 20 की सुबह साढ़े छह बजे उसके तहेरे भाई योगेश ने लालऊ में घर में जहर खा लिया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि संजलि की हत्या का मास्टरमाइंड योगेश ही था। आकाश और विजय घटना में शामिल रहे। उनके खिलाफ तमाम साक्ष्य मिले हैं।