साईं की तकिया पर पुलिस ने क्षमता से अधिक सवारियां ले जाने पर बस को पकड़ा, तो पता चला कि चालक नंबर प्लेट बदलकर बस चला रहा है। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
आगरा में ट्रेवल एजेंसी की बस को चालक नंबर छिपाकर चला रहा था। सवारियां भी क्षमता से अधिक थीं। ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
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मामले के अनुसार, थाना रकाबगंज के रात्रि अधिकारी एसआई हितेश कुमार 19 सितंबर की रात को गश्त पर थे, तभी राजस्थान नंबर की बस साईं की तकिया से नामनेर की तरफ मुड़ी। चालक लापरवाही और उतावलापन से बस चला रहा था। पुलिस टीम ने उसे एसआर हॉस्पिटल के पास रोक लिया। पुलिस ने देखा कि बस पर आगे की तरफ नंबर प्लेट पर लोहे की चपटी पत्ती लगी थी। इससे नंबर प्लेट पर लिखे नंबर पहचान में नहीं आ रहे थे। बस पर अंग्रेजी में अशोका वीरेंद्र जनता लिखा था।
जांच में पता चला कि बालूगंज चौराहे पर कुछ दिन पूर्व यातायात निरीक्षक ने बस को रोका था। चालान कर चेतावनी दी थी। मगर, वीरेंद्र ट्रेवल्स के संचालक ने नियमों का उल्लंघन किया। बस में सवारियां क्षमता से अधिक थीं। चालक जगह-जगह से सवारियां भर रहा था। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। नो एंट्री में रात 9:30 बजे जगह-जगह बस को रोककर सवारियां उतार और चढ़ा रहा था, जिसके बाद बस को सीज कर दिया गया। एमवी एक्ट में चालान किया गया।
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थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि मामले में धारा 144 के उल्लंघन, गलत तरीके से वाहन चलाने और धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दभी दर्ज किया गया। इसमें भरतपुर के गोविंद सिंह और वीरेंद्र को नामजद किया है।