विहिप नेता अरुण माहौर हत्याकांड में भाजपा ने जैसे ही 18 मार्च को कलेक्ट्रेट के महाघेराव का प्लान बनाया, वैसे ही पुलिस-प्रशासन ने इसे रोकने की बड़ी तैयारी शुरू कर ली। मालूम किया जा रहा है कि भाजपाई कितनी भीड़ जुटा सकते हैं। अगर 10 हजार की भी संभावना बनी तो पूरे जोन से पुलिस बुलाई जा सकती है। हालांकि जिस तरह से अभी तक के प्रदर्शन फ्लाप हुए हैं, उसे देखते हुए ज्यादा भीड़ जुटने का अधिकारियों के मन में संशय है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो प्लान इस तरह से बना है कि 18 मार्च को भीड़ जुट ही न पाए। इसके लिए भाजपा नेताओं पर दबाव बनाया जाएगा। भाजपा नेताओं के लिए महाघेराव की अनुमति हासिल करना भी आसान नहीं होगा। बता दें, इससे पहले श्रद्धांजलि रथयात्रा पुलिस ने इसीलिए नहीं निकलने दी थी, क्योंकि उसकी अनुमति नहीं थी।
खुफिया पुलिस की नजर
भाजपा नेताओं की हर गतिविधि पर खुफिया पुलिस की नजर है। हर मीटिंग, हर प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मुकदमों में बढ़ेंगे आरोपी
जो भाजपा नेता आक्रामक रुख अपनाएंगे, उन्हें नाई की मंडी और मंटोला थाना में दर्ज बवाल के मुकदमों में आरोपी बनाया जा सकता है।
गोकशों की तलाश तेज
महाघेराव का मुख्य मुद्दा फरार चल रहे गोकशों की गिरफ्तारी है। इस पर पुलिस पहले से काम कर रही है। अब इसे और तेज किया जाएगा।
एनएसए की फाइल तैयार
अरुण माहौर के पांचों हत्यारोपियों पर एनएसए के लिए फाइल तैयार है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जैसे ही जमानत याचिका दायर की जाएगी, वैसे ही फाइल एनएसए एडवाइजरी बोर्ड को भेज दी जाएगी।
हर गतिविधि पर डीएम और एसएसपी की नजर है। तमाम जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। - अजय मोहन शर्मा ( डीआईजी )
जो भी कानून हाथ में लेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस अपनी ओर से तमाम इंतजाम कर रही है। - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी )