आगरा में कागारौल-मलपुरा सीमा पर स्थित खारी नदी के समीप मिट्टी के खनन के दौरान पुलिस का छापा पड़ने से भागते समय ट्रैक्टर पलट जाने से नगला कुठावली के युवक सत्येंद्र (32) की मौत हो गई। वह ट्रैक्टर के नीचे दब गया था। उसके परिजनों का आरोप है कि उसे ट्रैक्टर के नीचे दबा छोड़कर ही कागारौल थाना की पुलिस भाग गई। अगर उपचार केलिए जाती तो उसकी जान बच जाती। बाद में मलपुरा थाना की पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सत्येंद्र पुत्र बाबूलाल और गांव के अन्य लोग खारी नदी के समीप खेत में मिट्टी की खोदाई कर रहे थे। रात साढ़े दस बजे कागारौल पुलिस पहुंच गई और खोदाई का अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहा। इस पर लोग वहां से भागने लगे। सत्येंद्र भाग रहा था। कुछ लोग ट्रैक्टर लेकर भाग रहे थे। तभी एक ट्रैक्टर पलट गया। सत्येंद्र इसके बराबर में चल रहा था।
सत्येंद्र ट्रैक्टर के नीचे आकर दब गया। पुलिस वहां से भाग गई। हादसे की जानकारी पर गांव वाले आए। उन्होंने सत्येंद्र को बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सत्येंद्र के पिता बाबूलाल ने मौत के लिए कागारौल पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उसे उपचार के लिए ले जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
सूचना पर पहुंची मलपुरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में थानाध्यक्ष समेत कोई भी पुलिसकर्मी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उधर, एसएसपी बबलू कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि वह पूरे मामले की जानकारी कर रहे हैं।