पुलिस ने अपहरण करने वाले यहां के बदमाशों के घर दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इससे पहले धौलपुर और भरतपुर में तलाशी अभियान चला, वहां भी निराशा मिली।
अकरम अंसारी का अपहरण तीन फरवरी को किया गया था लेकिन चार फरवरी को फिरौती के लिए फोन आ जाने के बाद पुलिस हरकत में आई। पांच टीमें लगाई गईं लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
शासन से भी इस मामले में पुलिस से लगातार अपडेट लिया जा रहा है लेकिन अफसर कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है। सिर्फ यही जवाब दिया जा रहा है कि प्रयास किया जा रहा है, जल्द ही कोई न कोई ठोस सुराग मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहे बदमाश
पुलिस ने 100 ऐसे बदमाशों की सूची बनवाई जो अपहण के मामलों में पिछले पांच सालों में जेल जा चुके हैं। ये आगरा, धौलपुर, भरतपुर, फिरोजाबाद और इटावा के हैं। इन पर काम करने के बाद दस गिरोह चिन्हित किए गए।
इनके मोबाइल नंबर हासिल किए गए। तीन गिरोह पर पुलिस का शक है लेकिन तीनों ही मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इस कारण पुलिस मुखबिरों के भरोसे है।
आगरा के वकीलों में बढ़ रहा गुस्सा
बरामदगी न होने से फिरोजाबाद के साथ आगरा के वकीलों का गुस्सा भी बढ़ रहा है। उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसमें से एक दिन रविवार को चला गया। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर सोमवार तक बरामदगी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
हर संभव प्रयास कर रहे
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अपहृत वकील की तलाश में पांच टीमें लगी हैं, अभी सुराग नहीं मिला है लेकिन जल्द बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।