शाहगंज मार्केट में 10 साल पहले ज्वैलरी शोरूम में सीसीटीवी कैमरे के सामने हुई कपड़ा कारोबारी शैल कुंद्रा की हत्या के सभी 10 आरोपी कोर्ट से बरी हो गए। एक तो पुलिस ने कोर्ट में फुटेज नहीं रखे। दूसरा, शैल के भाइयों ने हत्यारोपियों का पहचाना नहीं।
कुंद्रा पर एक युवक रामकिशन की हत्या का आरोप था। पुलिस ने खुलासा किया था कि बदला लेने के लिए उसके भाई राधे ने शूटरों से हत्या कराई, शैल द्वारा चलाई गोली से एक हमलावर भी मारा गया था। प्रदेश में यह पहला मामला था जब गोलीबारी में कैमरे के सामने दो लोगों की जान गई थी।
13 दिसंबर 2009 को शाम 7:30 बजे हुआ यह शाहगंज शूट आउट उस समय काफी चर्चित हुआ था। पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। यह केस स्पेशल जज (दस्यु प्रभावी क्षेत्र) अहमद उल्ला खां की कोर्ट में चल रहा था। एडीजीसी रूपेश गोस्वामी ने बताया कि शैल के भाई रवि कुंद्रा और अजय कुंद्रा सहित 19 गवाह पेश किए गए थे। सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं हो पाए थे।
शाहगंज के हमीद नगर के राधेश्याम मल्होत्रा, हरिओम उर्फ पिंटू, अजय दिवाकर, रवि दिवाकर, शास्त्रीपुरम का भीमसैन उर्फ भीम, नाई की मंडी का कृष्ण गोपाल, बिल्लोचपुरा, लोहामंडी का धनराज राजवानी, नंदराम चौक, फिरोजाबाद का दिलीप उर्फ पीटर, कुआंखेड़ा, ताजगंज का अजय उर्फ भोला, सोरोकटरा, शाहगंज का अनिल उर्फ अन्नी।
कोर्ट के फैसलों की समीक्षा के लिए कमेटी बनी हुई है। इस फैसले की भी समीक्षा की जाएगी। अगर विवेचना में कमी रही हो तो विवेचना अधिकारी पर कार्रवाई होगी। अगर कमेटी को जरूरत महसूस हुई तो इस केस में अपील की जाएगी - बबलू कुमार, एसएसपी