पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एमएमयू) का छात्र अब्दुल मन्नान वानी आतंकी बना। इसके बाद नोएडा के एक प्राइवेट विश्वविद्यालय के छात्र एहतेशाम बिलाल ने आतंक का रास्ता चुना। इन दो मामलों के बाद खुफिया पुलिस चौकन्ना हुई है।
आगरा के निजी और सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों की गतिविधियों पर अब नजर रखी जा रही है। खासकर उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। कॉलेजों से उनके छुट्टी पर जाने और वापस आने के बारे में भी ब्योरा तलब किया गया है।
यह भी मालूम किया जा रहा है कि किस किस मदरसे में कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं। इनके नाम-पते मालूम कर जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास भेजे जाएंगे। वहां से इन्हें तसदीक कराया जाएगा। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि आगरा जोन में खास अलर्ट है।