आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र के रियाजुद्दीन का दावा है कि उसका कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है। इसके बावजूद पुलिस और कोविड कंट्रोल रूम से फोन करके उसे कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा है। उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। इसमें कहा है कि सही नाम और पते के व्यक्ति को ढूंढने के बजाय उसे परेशान किया जा रहा है।
नाई की मंडी स्थित बड़ा गालिबपुरा निवासी रियाजुद्दीन पुत्र सिराजुद्दीन की फतेहाबाद रोड पर जूते के मैटेरियल की दुकान है। वह थाना नाई की मंडी के सामने रहते हैं। लॉकडाउन में घर से बाहर नहीं जा रहे हैं। चार दिन पहले एक सिपाही घर पर आया।
उसने मोबाइल नंबर पूछा। कहा कि इंस्पेक्टर साहब मंगवा रहे हैं। इस पर नंबर दे दिया। कुछ देर बाद इंस्पेक्टर का फोन आया। कहा कि तुम कोरोना पॉजीटिव हो। तुम्हें आइसोलेशन में ले जाने के लिए टीम आएगी। परिवार के लोगों को क्वांरटीन किया जाएगा।
कारोबारी नहीं हुआ टेस्ट
इस पर रियाजुद्दीन ने कहा कि उसका कभी कोई टेस्ट नहीं हुआ। परिवार के लोगों के पास भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई। इसके बावजूद उसे कोरोना पॉजीटिव क्यों कहा जा रहा है। इस पर इंस्पेक्टर ने फोन काट दिया। अगले दिन कोविड-19 कंट्रोल रूम से कॉल आया।
उनसे कहा गया कि रियाज पुत्र सलाउद्दीन निवासी 5/206, तोपखाना बोल रहे हो। मगर, रियाजुद्दीन ने कहा कि उसके पिता का नाम सलाउद्दीन नहीं है। पता बड़ा गालिबपुरा है।
रियाजुद्दीन ने कहा कि उसके पास गलत फोन किया जा रहा है। उसकी तबीयत खराब नहीं है। उसका कभी कोई टेस्ट भी नहीं हुआ है। अगले दिन फिर सिपाही आए। घर परिवार के सदस्यों के नाम लेकर चले गए।
शुक्रवार को फिर से पुलिस का फोन आया। इस पर टीम के आने के बारे में पूछा। तब भी रियाजुद्दीन जांच कराने को कहा। बाद में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। इसमें हमनाम की वजह से परेशान किए जाने की बात कही। शनिवार को कंट्रोल रूम से फोन पर रियाजुद्दीन से मामले की जानकारी ली गई है।
सीओ कोतवाली चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि अस्पताल से जानकारी मांगी गई थी। इस पर पुलिस गई थी। पुलिस ने आइसोलेशन में भेजने के लिए कोई कॉल नहीं किया। युवक का कोरोना टेस्ट भी नहीं हुआ है। कॉल कोविड कंट्रोल रूम से किए गए होंगे।