शमसाबाद रोड स्थित पॉवर ग्रिड कारपोरेशन स्टेशन पर 21 अगस्त से धरना दे रहे 14 गांवों के सैकड़ों किसानों को सोमवार दोपहर जबरन हटाने की कोशिश में पुलिस ने लाठियां बरसाईं। 2010 में ग्रिड विस्तार के लिए दी गई जमीन के बदले नौकरी और मुफ्त बिजली मांग रहे इन लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। 20 को चोटें आई हैं। 120 को हिरासत में लेकर उन्हें पुलिस लाइन भेजा गया। जवाब में किसानों ने पुलिस पर पथराव किया।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में धरना दे रहे किसानों को जानकारी मिली थी सोमवार को पॉवर ग्रिड कारपोरेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आ रहे हैं। दबाव बनाने के लिए उन्होंने सुबह छह बजे से प्रदर्शन शुरू कर दिया और चार गेटों पर ताला जड़ कर कर्मचारियों और अधिकारियों को बंधक बना लिया।
दोपहर तकरीबन 1:30 बजे एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव और एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह पुलिस और पीएसी के साथ पहुंचे। करीब ढाई बजे तक वार्ता चली, लेकिन नतीजा नहीं निकला तो प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई। जब उनके लाउड स्पीकर आदि हटाए जाने लगे तो कुछ किसान पुलिस से उलझ गए। इस पर पुलिस ने उन्हें घेरकर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। जवाब में ग्रामीणों ने पथराव किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई किलोमीटर तक खदेड़ दिया। गांव वाले इकट्ठा हुए तो फिर से लाठी बरसाई। उनके खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।