मथुरा जिले में धारा 307 लगाने और हटाने में पुलिसकर्मियों की मनमानी थम नहीं रही। आए दिन लोग शिकायत लेकर एसएसपी के पास पहुंच रहे हैं। अब थाना छाता का मामला सामने आया है। कस्बा निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसके मुकदमे में धारा 307 लगी रहने के लिए दरोगा ने 77 हजार रुपये की रिश्वत ले ली। इसके बाद आरोपी पक्ष से मिलकर धारा 307 हटाकर आरोपियों की जमानत करा दी। इस मामले में विवेचक दरोगा का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसके आधार पर दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
कस्बा छाता निवासी दिनेश पुत्र प्रेमपाल पर गत 28 अप्रैल को सेमरी गांव के दबंगों ने हमला कर दिया। हमलावर उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए। दिनेश के पिता प्रेमपाल सिंह ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 323, 427 मुकदमा दर्ज कराया।
दिनेश का आरोप है कि इस मामले में दरोगा विवेचक आराम सिंह ने विवेचना के दौरान उससे संपर्क किया और कहा कि उसके केस में धारा 307 नहीं बनती। सभी धाराएं जमानती हैं। यदि एक लाख रुपये दे दो तो धारा 307 में सभी आरोपियों को जेल भेज देंगे। बाद में दरोगा ने धमकी दी कि रुपये न देने पर आरोपियों से केस हटाकर तुम्हारे परिवार के खिलाफ ही केस दर्जकर जेल भेज दिया जाएगा।