आगरा में पुलिस की कारनामे थम नहीं रहे हैं। रुनकता चौकी पुलिस ने खेत से जमीन स्वामित्व के बोर्ड चोरी के केस में एफआर लगा दी। पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत की। इस पर दोबारा जांच के आदेश दिए गए।
मगर, जांच एफआर लगाने वाले विवेचक को दे दी गई। पीड़ित ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया। एसएसपी ने कार्रवाई के आदेश दिए। अब पुलिस पीड़ित पर खेत नहीं जोतने का दबाव बना रही है।
न्यू शाहगंज की साकेत कॉलोनी निवासी लोकेंद्र का कहना है कि बड़े भाई योगेंद्र दुबई में जॉब करते हैं। उनके नाम से गांव में तीन बीघा चार बिसवा जमीन है। लोकेंद्र खेत की देखभाल करते हैं। कुछ लोग जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
आरोप है कि कुछ लोगों ने खेत में लगे जमीन स्वामित्व के दो बोर्ड चोरी कर लिए। इसकी एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस को सुबूत भी दे दिए। इसके बाद नए बोर्ड लगाए। इसकी सूचना पुलिस को भी दी।
मगर, विवेचक ने साक्ष्य को दरकिनार कर एफआर लगा दी। बोर्ड को खेत में लगना दर्शाया। 12 सितंबर को पीड़ित ने सीओ से शिकायत की। सीओ ने जांच के आदेश किए। दोबारा जांच पूर्व के विवेचक को दे दी गई। ऐसे में पीड़ित को न्याय की उम्मीद नहीं है।
22 नवंबर को लोकेंद्र को एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया। एसएसपी ने माल बरामदगी और दबंगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। मगर, पुलिस अब खेत जोतने, पानी डालने से भी रोक रहे हैं। इससे पीड़ित दहशत में है।