ट्वीट को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान ले लिया। पुलिस और चाइल्ड लाइन को पीड़ित परिवार की मदद के निर्देश दिए। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह ने बताया कि युवक मौसी को साथ ले जाना चाहता है, लेकिन मौसेरे भाई को आश्रम में आश्रय दिलाना चाहता था। आरोप लगा रहा है कि भाई घर में तोड़फोड़ करता है।
इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी से बात की। लेकिन उन्होंने कहा कि बालिग के लिए अभी आश्रम की व्यवस्था नहीं है। दिव्यांग के लिए कोई आश्रय गृह की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। परिजनों से कहा गया है कि उनकी देखभाल के लिए पुलिस तत्पर रहेगी। मां-बेटे भी एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहते हैं।