आगरा के शमसाबाद मार्ग स्थित कहरई मोड़ पर पुलिस ने दो जनवरी को नकली देसी घी बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। फैक्टरी मैनेजर राजेश भारद्वाज के साथ ही चार कर्मचारियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। लेकिन ग्वालियर के फैक्टरी मालिकों का दो सप्ताह बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है।
आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने बिल्टी के आधार पर ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ की, लेकिन कुछ हाथ नहीं आया। फैक्टरी मालिकों की अंतिम लोकेशन 3 जनवरी को ग्वालियर में मिली थी। जिसके बाद से उनके मोबाइल फोन बंद हैं।
नकली देसी घी बनाने की फैक्टरी को दाल बाजार ग्वालियर के रहने वाले पंकज अग्रवाल, बृजेश अग्रवाल और नीरज अग्रवाल संचालित कर रहे थे। विभिन्न नामचीन ब्रांड के नकली देसी को बनाया जा रहा था। जिसे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, असम व बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में खपा रहे थे।
पुलिस ने फैक्टरी से बरामद बिल्टियों के आधार पर आरोपियों की तलाश में ट्रक चालकों से संपर्क किया है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ग्वालियर पुलिस के संपर्क में हैं। उनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर इनाम घोषित कराया जाएगा।