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रिटायर्ड आईएएस का हत्यारोपी गिरफ्तार: पुलिसकर्मियों ने रिक्शा चलाया, मजदूर बने; तब दबोचा 50 हजार का इनामी

Wed, 04 Nov 2026 08:37 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

भोपाल में रिटायर्ड आईएएस की हत्या के मामले में आरोपी को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद से पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश मे जुटी थी। 50 हजार के इनामी ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया, इस दाैरान वह गोली लगने से घायल हो गया। 
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अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भोपाल में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या और लूट के मामले में वांछित 50 हजार के इनामी केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने सोमवार रात को सिकंदरा के रुनकता से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की जानकारी थाना सिकंदरा पर नहीं दी गई। आरोपी अपनी महिला मित्र से मिलने आया था। मंगलवार सुबह टीम उसे अपने साथ लेकर जा रही थी। उसने रास्ते में पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। फायरिंग में गोली लगने से घायल हो गया।
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सूरज नगर, भोपाल में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात को गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी ने अगले दिन सुबह शव देखा था। अलमारी में सामान बिखरा मिला था। किचन में एलपीजी सिलिंडर का पाइप भी खुला हुआ था। उनके घर में केयरटेकर वरुण कुमार काम करता था। वह भाग निकला था। पुलिस ने जांच की। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई।

तलाश में टीम एमपी के साथ ही यूपी, महाराष्ट्र और पंजाब में दबिश दे रही थी। उसके पुराने दोस्त, रिश्तेदार से पूछताछ की थी। इस मामले में आईएएस एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश के सीएम से मुलाकात की थी। इस पर कई टीम गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थीं। उसकी लोकेशन कुछ दिन से मथुरा और आगरा में मिल रही थी। इस पर स्थानीय पुलिस से संपर्क किया गया। मगर पुलिस ने कोई इनपुट नहीं दिया। उसके सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गए। पांच दिन पहले भोपाल पुलिस की एक टीम दोनों जिलों में पहुंची। गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई जा रही थी। आरोपी को रुनकता में हाईवे से पकड़ लिया गया।
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महिला मित्र की नहीं निकली भूमिका
भोपाल पुलिस ने वहां पर प्रेसवार्ता कर बताया है कि आरोपी वरुण मूलरूप से ग्वालियर का रहने वाला है। उसकी मां पति से अलग होने के बाद आगरा आ गई थी। वरुण अपनी मां और बहन के साथ पंजाब के नाभा और पटियाला में भी रहा। मां की मौत के बाद हाउसकीपिंग का कार्य करने लगा। उसने कई जगह काम किया। वह वर्मा एजेंसी के माध्यम से रखा गया था। उसकी महिला मित्र आगरा में रहती है। वह उससे मिलने के लिए आया था। पुलिस की जांच में महिला मित्र की घटना में कोई भूमिका सामने नहीं आई है।

 
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मजदूर और रिक्शा चालक बनकर घूमी भोपाल पुलिस
पुलिस आरोपी की तलाश में कई दिन से आगरा और मथुरा में घूम रही थी। उसे पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी रिक्शा और फेरीवाला बनकर भी घूमे थे। आरोपी भी अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए कचरा बीनने का काम कर रहा था। वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। एक-दो दिन से ज्यादा एक स्थान पर नहीं रुक रहा था। ग्वालियर से आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली गया था। वहां से हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली पहुंच गया था। उसने बस, ट्रेन और ट्रकों में भी सफर किया। वह अपने खर्च पूरे करने के लिए प्लास्टिक की बोतल बीनकर बेचता था। फुटपाथ पर ही सो जाता था। उसके पास कोई मोबाइल भी नहीं था। पुलिस अभी उससे और भी पूछताछ करेगी।

डांटने से था नाराज, सीसीटीवी कैमरों में हुआ था कैद
सीसीटीवी फुटेज से सामने आया था कि आरोपी वरुण कुमार रात करीब 2:30 बजे हत्या के बाद घर से निकलकर सड़क से जाता दिखा था। पुलिस ने उसके सीसीटीवी फुटेज निकाले थे। इसके बाद उसकी लोकेशन पता करने में सफल रही थी। वह घर से निकलने के करीब 1 घंटे 42 मिनट के भीतर ही ट्रेन में बैठ गया था। उसकी तलाश के लिए थाने सहित क्राइम की कई टीम लगी थीं। आरोपी ने डांटने से नाराज होकर हत्याकांड की बात पुलिस की पूछताछ में कबूल की है।

 
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