गांव की रिश्तेदारी से जाल में फंसाया
थानाध्यक्ष आनंद कुमार शाही ने आरोपियों से कई घंटे पूछताछ की। इसमें पता चला कि गणेश की उम्र 24 साल है। वह जयपुर स्थित एक सैलून में बाल काटता है। इंटरमीडिएट भी कर रहा है। उसकी रिश्तेदारी किशोरी के गांव में है। इस कारण वो वहां जाया करता था। छह महीने से उसकी जान पहचान किशोरी से है। वह उससे उम्र में 10 साल छोटी है। इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वो 12 फरवरी को घर आया था। तीन मार्च तक रुका था। इसके बाद काम पर चला गया। होली मनाने के लिए सात मार्च को फिर से गांव आ गया।
ई-वालेट से किया भुगतान
आरोपी गणेश और संतोष बचपन के दोस्त हैं। संतोष पिता के साथ गांव में ही सैलून की दुकान चलाता है। पूछताछ में बताया कि होली पर शराब की बोतल खरीदी थी। इससे पार्टी की थी। आधी शराब पी ली, जबकि आधी बची थी। बृहस्पतिवार को गणेश ने किशोरी को मिलने के लिए बुलाया। दोनों शराब की बची बोतल साथ लेकर गए थे। दोपहर डेढ़ बजे गांव पहुंच गए। रास्ते में जंगल में पार्टी की। इसके बाद किशोरी मिल गई। उसे मोबाइल दिलाने और रेस्टोरेंट में नाश्ता कराने का झांसा देकर अपने साथ ले गए। एक दुकान से 600 रुपये का मोबाइल और सिम खरीदा। इसके बाद रेस्टोरेंट में नाश्ता किया। इन सबका भुगतान ऑनलाइन किया।
शव ठिकाने लगाने की थी तैयारी
वह दोनों किशोरी को छोड़ने गांव लौट रहे थे। रास्ते में बाइक रोककर उसे जंगल में खींचकर ले गए। किशोरी चीखने लगी। उसके साथ मनमानी की। दोनों को लग रहा था कि वह गांव मेंं जाकर सब कुछ बता देगी। उन्हें पुलिस पकड़ लेगी। इसलिए उसकी हत्या कर शव ठिकाने लगाना चाहते थे। इसके लिए दुपट्टे से गला घोट दिया। पेड़ से सिर टकरा दिया। वह गिर पड़ी। उसके सिर में ईंट से प्रहार किया। सिर, आंख और नाक से खून निकलने लगा। वह बेहोश हो गई। उसे मरा समझकर जंगल में अंदर दुपट्टे से जमीन पर खींचते हुए ले गए। उसे कांटों के बीच फेंक दिया।
दो घंटे तक रुके रहे
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें लग रहा था कि बचेगी नहीं। उन्हें पता था कि जंगल में कोई नहीं आता है। कोई उसे ढूंढ नहीं पाएगा। वह दो घंटे तक रुके रहे। उन्हें लगा कि किशोरी की सांसें थम गई हैं। इस पर अंधेरा होते हुए घर चले गए। दूसरे दिन उसके जिंदा होने का पता चला तो भागने की तैयारी में लगे थे लेकिन पकड़े गए।
सामूहिक दुष्कर्म की धारा की वृद्धि
पुलिस ने किशोरी की पिता की तहरीर पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इस पर मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म की धारा की वृद्धि की गई है। वहीं बहला-फुसलाकर अपहरण, हत्या का प्रयास, साक्ष्य मिटाने और पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है।
आरोपियों से एक बाइक, तीन मोबाइल और पीडि़ता को मारने वाला पत्थर भी बरामद कर लिया है। थानाध्यक्ष आनंद कुमार शाही ने बताया कि मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म की धारा, साक्ष्य मिटाने और हत्या के प्रयास की धारा की वृद्धि की गई है। दोनों आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म में ही जेल भेजा गया है। अभी किशोरी की मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।