इससे यह साफ है कि सॉल्वर गैंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा को पास करने वालों पर जांच की आंच आएगी। क्योंकि पुलिस इस डायरी के माध्यम से उनके पास तक पहुंच जाएगी जो परीक्षा पास करने की खुशी मना रहे हैं। ऐसे युवकों को अरमानों पर पानी फिर सकता है।
हालांकि पुलिस डायरी के बारे में बहुत कुछ बताने को तैयार नहीं है। एसपी सिटी ने इतना बताया कि इसमें काफी कुछ लेखा-जोखा है। उन्होंने कहा कि गैंग के तार अलीगढ़, सहारनपुर, एटा सहित अन्य जिलों से जुड़े हैं।
जनवरी माह में होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा को पास कराने को नए अभ्यर्थी सॉल्वर गैंग तलाश रहा था। इसकी जानकारी एसओजी टीम के सिपाही को लगी
थी। वह पुलिस भर्ती का फार्म भरने के बहाने सॉल्वर गैंग के करीब तक पहुंच गया था।
बातचीत होने के बाद उसने एसओजी एवं टूंडला पुलिस की मदद से इस गैंग को दबोच लिया। सॉल्वर गैंग द्वारा 18 व 19 जून 2018 व 26 अक्तूबर 2018 को हुई परीक्षा के दौरान कइयों को पास कराने का ठेका लिया था।
बता दें कि पुलिस ने रविवार को टूंडला थाना क्षेत्र से सॉल्वर गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। रात भर की गई पूछताछ के बाद सोमवार को पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया। गैंग का सरगना अपने तीन साथियों के साथ फरार है उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
सॉल्वर गैंग के यह सदस्य पुलिस भर्ती के साथ-साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कराने के लिए अभ्यर्थियों से आठ से दस लाख रुपये लेते थे। सॉल्वर गैंग
के खिलाफ टूंडला एसएचओ ने धोखा धड़ी करके फर्जी अभिलेखों को तैयार किए जाने का मामला दर्ज किया है।
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सॉल्वर गैंग पर अभी और शिकंजा कसा जाएगा। एसपी सिटी ने बताया कि जांच पहड़ताल में पता चला कि गैंग के
सदस्य ब्लूट्थ को कान के अंदर लगा कर ले जाते थे। मोबाइल फोन को किसी तरह छिपा कर ले जाते थे। मोबाइल फोन ब्लूट्थ से जुड़ा रहता था। इतनी
सावधानी से पूरा खेले करते कि किसी को शक न हो।