मैनपुरी। शहर कोतवाली पुलिस की बड़ी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 25 साल पहले हुई एक हत्या-डकैती के मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करना ही भूल गई थी। यह खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने घिरोर थाने में दर्ज डकैती के दूसरे मुकदमे में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की और कोर्ट ने उसका आपराधिक इतिहास पुलिस से मांगा। घटना तब सामने आई जब सितंबर 2024 में घिरोर थाना पुलिस ने नौनामई, बरनाहल निवासी टेनी उर्फ टेनिया को उनके इलाके में वर्ष 1999 में हुई डकैती की घटना के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। टेनी ने विशेष डकैत कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने घिरोर पुलिस से टेनी का आपराधिक इतिहास तलब किया। पहली रिपोर्ट में तो घिरोर पुलिस ने उसका आपराधिक इतिहास बताया ही नहीं। कोर्ट ने दोबारा रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया तो पुलिस के कान खड़े हुए। इसके बाद कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल हुई, जिसमें पता चला कि टेनी कुख्यात अपराधी है और वह जमानत कराने के बाद फरार हो जाता है। उसके खिलाफ चार से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में एक मुकदमा शहर कोतवाली में वर्ष 2000 का है, जिसमें हत्या और डकैती का आरोप है और टेनी के खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी है। यहीं पर शहर कोतवाली पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई। इस खुलासे के बाद कोतवाली पुलिस में खलबली मच गई। अब शहर कोतवाली पुलिस ने अपने यहां दर्ज मुकदमे में आरोपी को पेश करने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 13 जून की तारीख तय की है। इस सुनवाई में पुलिस को अपनी लापरवाही के संबंध में एक स्पष्टीकरण रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसके बाद ही अदालत आरोपी टेनी उर्फ टेनिया की पेशी को लेकर कोई निर्णय लेगी। इस बीच, घिरोर के मुकदमे में टेनी की जमानत अर्जी को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया है।